गुजरात के कच्छ जिले में शुक्रवार तड़के भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। सुबह करीब साढ़े चार बजे धरती हिलने से कई इलाकों में नींद से जागे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। झटके कुछ सेकेंड तक महसूस किए गए, लेकिन उस वक्त सन्नाटा और डर का माहौल बन गया।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 दर्ज की गई। National Center for Seismology के मुताबिक भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था। लोकेशन अक्षांश 23.65 उत्तर और देशांतर 70.23 पूर्व दर्ज किया गया। कम गहराई पर आए भूकंप के कारण झटके अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस हुए, हालांकि तीव्रता मध्यम श्रेणी की रही।
अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और स्थानीय स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन से संपर्क करें।
कच्छ जिला भूकंपीय दृष्टि से पहले से ही संवेदनशील माना जाता है। यह इलाका उच्च जोखिम वाले जोन में आता है, जहां समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज होते रहे हैं। इससे पहले भी 13 दिसंबर को कच्छ में 3.9 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था, जिसने लोगों को सतर्क कर दिया था।
गुजरात के इतिहास में 26 जनवरी 2001 का भूकंप आज भी लोगों की यादों में ताजा है। उस दिन कच्छ में 6.9 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी और बड़े पैमाने पर इमारतें तबाह हो गई थीं। उसी त्रासदी के बाद से यह क्षेत्र लगातार वैज्ञानिक निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता के दायरे में है।
भूकंप के समय विशेषज्ञों की सलाह है कि घबराने के बजाय सुरक्षित जगह पर शरण ली जाए, सिर और गर्दन की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए और खुले में हों तो इमारतों, पेड़ों व बिजली के खंभों से दूरी रखी जाए। शांत रहना और अफवाहों से दूर रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा मानी जाती है।