घर में मेहमान आने वाले हों या अचानक मीठा खाने का मन बन जाए, तो सबसे पहले बाजार की मिठाइयों का ख्याल आता है। लेकिन रोज़-रोज बाहर से मिठाई लाना न सेहत के लिहाज़ से बेहतर है और न ही जेब के लिए। ऐसे में अगर घर पर ही ऐसी पारंपरिक मिठाई बन जाए, जो स्वाद और बनावट में बिल्कुल हलवाई जैसी लगे, तो खुशी भी दोगुनी हो जाती है। दानेदार सूजी के लड्डू इसी श्रेणी में आते हैं, जिन्हें बनाना आसान है और जिनका स्वाद हर किसी को पसंद आता है।
सूजी के लड्डू की खासियत इसकी खुशबू, दानेदार टेक्सचर और घी–ड्राई फ्रूट्स का परफेक्ट मेल है। सही तरीके से भुनी हुई सूजी, देसी घी की महक और इलायची का स्वाद मिलकर इन्हें इतना खास बना देता है कि बाजार की मिठाइयां भी फीकी लगने लगती हैं। खास मौकों पर या अचानक आए मेहमानों के लिए यह एक भरोसेमंद और झटपट बनने वाली मिठाई है।
इन लड्डुओं को बनाने के लिए एक कप सूजी यानी रवा लिया जाता है। इसमें आधा कप देसी घी, करीब तीन-चौथाई कप पिसी हुई चीनी या बूरा, दो से तीन टेबलस्पून दूध, कटे हुए काजू और बादाम, थोड़ी सी किशमिश और आधा चम्मच इलायची पाउडर इस्तेमाल किया जाता है। इन्हीं साधारण सामग्रियों से लड्डू का स्वाद खास बन जाता है।
सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में देसी घी गर्म किया जाता है। घी के पिघलते ही उसमें सूजी डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनना जरूरी होता है। सूजी को तब तक भूनें, जब तक उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और घी अलग-अलग सा दिखाई देने लगे। यही सही भुनाई लड्डुओं में दानेदार टेक्सचर लाती है। इसके बाद इसमें कटे हुए काजू, बादाम और किशमिश डालकर एक से दो मिनट तक हल्का भून लिया जाता है।
अब गैस बंद कर दी जाती है और इसमें इलायची पाउडर मिला दिया जाता है, जिससे मिश्रण में खुशबू भर जाती है। इसके बाद इस मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दिया जाता है। जब सूजी बस गुनगुनी रह जाए, तभी उसमें पिसी हुई चीनी या बूरा मिलाया जाता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि मिश्रण ज्यादा गर्म न हो, वरना चीनी पिघल जाएगी और लड्डू बांधने में दिक्कत आ सकती है।
अब जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा दूध डालकर मिश्रण को अच्छे से मिलाया जाता है। हथेलियों पर थोड़ा सा घी लगाकर इस मिश्रण से मध्यम आकार के लड्डू बांध लिए जाते हैं। अगर मिश्रण सूखा लगे, तो एक-दो चम्मच दूध और मिलाया जा सकता है। इसी तरह सारे लड्डू तैयार कर लिए जाते हैं।
तैयार सूजी के लड्डू को एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखा जाए, तो ये सात से आठ दिन तक आसानी से खराब नहीं होते। चाय के साथ, पूजा के प्रसाद में या मेहमानों के सामने परोसने के लिए ये दानेदार सूजी लड्डू हर बार तारीफ दिलाने का काम करते हैं।