14 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है। बिहार के युवा बल्लेबाज़ Vaibhav Suryavanshi को शुक्रवार को देश के सर्वोच्च बाल सम्मान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से नवाज़ा गया। यह सम्मान उन्हें स्वयं राष्ट्रपति Droupadi Murmu के हाथों मिला। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद वैभव की मुलाकात प्रधानमंत्री Narendra Modi से भी प्रस्तावित है। इसी सम्मान समारोह के चलते वैभव शुक्रवार को बिहार की ओर से Vijay Hazare Trophy के दूसरे राउंड का मुकाबला नहीं खेल पाए।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश का सबसे प्रतिष्ठित बाल नागरिक सम्मान माना जाता है, जो 5 से 18 वर्ष की उम्र के बच्चों को बहादुरी, कला-संस्कृति, विज्ञान-तकनीक, नवाचार, समाज सेवा और खेल जैसे क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। इतनी कम उम्र में यह सम्मान पाना वैभव की प्रतिभा और मेहनत का बड़ा प्रमाण है।
वैभव के बचपन के कोच मनीष ओझा ने बताया कि दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय बाल पुरस्कार समारोह के कारण ही वह बिहार बनाम मणिपुर मैच में नहीं उतर सके। कोच के मुताबिक, वैभव को सम्मान समारोह के लिए सुबह सात बजे रिपोर्ट करना था, इसलिए टीम प्रबंधन ने उन्हें मैच से आराम देने का फैसला लिया।
इससे पहले वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी के अपने पहले ही मुकाबले में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने पूरे देश का ध्यान उनकी ओर खींच लिया। उन्होंने मात्र 84 गेंदों में 190 रन की विस्फोटक पारी खेली और सिर्फ 36 गेंदों में शतक जड़ दिया। इस प्रदर्शन के साथ वह लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ बन गए। यही नहीं, भारत की ओर से लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वालों की सूची में वह चौथे स्थान पर पहुंच गए और इस दौरान उन्होंने दिग्गज AB de Villiers के सबसे तेज 150 रन के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
अब सवाल यह है कि वैभव विजय हजारे ट्रॉफी के बाकी मुकाबले क्यों नहीं खेलेंगे। बिहार और मणिपुर के मैच के बाद वैभव सीधे भारतीय अंडर-19 टीम के कैंप से जुड़ेंगे, जहां आगामी Under-19 World Cup की तैयारी शुरू हो चुकी है। यह विश्व कप 15 जनवरी से जिम्बाब्वे में खेला जाएगा। इसी कारण वैभव को बिहार के लिए विजय हजारे ट्रॉफी के शेष मैचों से अलग रखा गया है।
कोच मनीष ओझा के अनुसार, अंडर-19 विश्व कप जैसे बड़े मंच के लिए तालमेल और तैयारी बेहद ज़रूरी है। इसलिए वैभव जल्द ही भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे और अपना पूरा ध्यान अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौती पर केंद्रित करेंगे। साफ है कि बिहार का यह किशोर क्रिकेटर अब सिर्फ घरेलू क्रिकेट की उम्मीद नहीं, बल्कि भविष्य का बड़ा भारतीय सितारा बनता जा रहा है।