शराब घोटाले में बड़ा कानूनी मोड़: 29,981 पन्नों का फाइनल चालान कोर्ट में दाखिल

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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित करीब ढाई हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाते हुए विशेष अदालत में 29 हजार 981 पन्नों का फाइनल चालान पेश कर दिया है। रायपुर स्थित ईडी की विशेष अदालत में शुक्रवार को यह अंतिम चार्जशीट दाखिल की गई, जिसकी पुष्टि बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने की है। इस कदम के साथ ही अब इस मामले में लंबे समय से चल रही जांच औपचारिक रूप से पूरी मानी जा रही है और जल्द ही अदालत में ट्रायल शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

बचाव पक्ष के मुताबिक ईडी ने इस मामले में होटल कारोबारी लक्ष्मीनारायण उर्फ पप्पू बंसल सहित कुल 81 लोगों को आरोपी बनाया है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े मामले के बावजूद अब तक लक्ष्मीनारायण बंसल की गिरफ्तारी नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, ईडी की चार्जशीट में कई अहम बयान और दस्तावेज शामिल हैं, जिनके आधार पर जांच एजेंसी ने इस कथित घोटाले की पूरी परतें खोलने का दावा किया है।

बताया जा रहा है कि लक्ष्मीनारायण बंसल के बयान के आधार पर ही ईडी ने तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े लोगों तक जांच की कड़ी जोड़ी है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल सहित कई अन्य नामों को भी आरोपी बनाया गया है। इससे पहले अक्टूबर महीने में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की जाए। अदालत के इस आदेश के बाद ईडी ने जांच की रफ्तार तेज की और तय समयसीमा के भीतर फाइनल चालान कोर्ट में पेश कर दिया।

ईडी की ओर से दाखिल की गई इस विस्तृत चार्जशीट में शराब निर्माण से जुड़ी कंपनियों, बड़े कारोबारियों, सप्लायरों और आबकारी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं। एजेंसी का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क एक संगठित तरीके से काम कर रहा था और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध कमाई की गई।

अब जब अदालत में फाइनल चालान दाखिल हो चुका है, तो इस बहुचर्चित शराब घोटाले में कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होने जा रहा है। आने वाले दिनों में ट्रायल के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिस पर न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश की नजरें टिकी रहेंगी।

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