आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अपने शरीर के उन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो अंदर ही अंदर किसी गंभीर बीमारी की नींव रख रहे होते हैं। फैटी लिवर ऐसी ही एक बीमारी है, जो बिना किसी खास लक्षण के चुपचाप शरीर में जगह बना लेती है और जब तक इसका अहसास होता है, तब तक लिवर को गहरी चोट लग चुकी होती है। गलत खानपान, बिगड़ी दिनचर्या और तनाव से भरी लाइफस्टाइल ने इस बीमारी को आम बना दिया है, लेकिन सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि लोग अपनी ही आदतों को इसकी वजह मानने को तैयार नहीं होते।
डॉक्टरों के मुताबिक फैटी लिवर अब केवल शराब पीने वालों तक सीमित नहीं रहा। आज बड़ी संख्या में ऐसे लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं, जो शराब तो नहीं पीते, लेकिन जंक फूड, मीठे पेय, शारीरिक सुस्ती और नींद की कमी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं। नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज धीरे-धीरे लिवर में चर्बी जमा करती है और अगर समय रहते संभला न जाए तो यही स्थिति आगे चलकर लिवर सिरोसिस और यहां तक कि लिवर फेल्योर तक ले जा सकती है।
फैटी लिवर की सबसे बड़ी वजहों में जंक फूड और तला-भुना खाना सबसे ऊपर आता है। पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और पैकेट वाले स्नैक्स में मौजूद ट्रांस फैट और रिफाइंड कार्ब्स सीधे लिवर में फैट के रूप में जमा होने लगते हैं। इसके साथ ही दिनभर बैठकर काम करना और एक्सरसाइज से दूरी बनाए रखना भी लिवर के लिए धीमा जहर साबित होता है, क्योंकि शरीर फैट को बर्न ही नहीं कर पाता। जो लोग जरूरत से ज्यादा शराब पीते हैं, उनके लिए खतरा और भी बढ़ जाता है, क्योंकि शराब लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर सूजन और फैट जमने की प्रक्रिया को तेज कर देती है।
मीठे और शुगर से भरे ड्रिंक्स भी फैटी लिवर की एक बड़ी वजह बन चुके हैं। कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और जरूरत से ज्यादा मिठाई शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाती है, जिसका सीधा असर लिवर पर पड़ता है। वहीं, लगातार तनाव में रहना और पूरी नींद न लेना हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ देता है, जिससे मेटाबॉलिज्म गड़बड़ाता है और लिवर में फैट जमने लगता है। ये सभी आदतें मिलकर फैटी लिवर को धीरे-धीरे गंभीर बीमारी में बदल देती हैं।
फैटी लिवर से बचाव मुश्किल नहीं है, बस अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा सा अनुशासन जरूरी है। रोज़ाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या वॉक, संतुलित और फाइबर युक्त भोजन, शराब और मीठे पेय से दूरी, पूरी नींद और तनाव को कम करने की कोशिश लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती है। सही समय पर की गई छोटी-छोटी सावधानियां लिवर को बड़े खतरे से बचा सकती हैं।