ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आकार ले रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला 74 किलोमीटर से ज्यादा लंबा लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा–ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यमुना सिटी के 10 से अधिक आवासीय और औद्योगिक सेक्टर सीधे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जुड़ जाएंगे, जिससे पूरे इलाके की पहचान और आर्थिक गतिविधियां दोनों बदलने की उम्मीद है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार की जा रही है। प्राधिकरण गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 74.3 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड लिंक बना रहा है, जिस पर करीब 1246 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए बजट को मंजूरी दे दी है, जबकि फिलहाल इसके डिजाइन और तकनीकी पहलुओं पर काम चल रहा है।
इस लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए यमुना सिटी के सेक्टर-4, 4A, 5, 5A, 10, 11, 21, 28, 33, 34 सहित कई अन्य सेक्टर सीधे जुड़ेंगे। खास बात यह है कि इन सेक्टरों को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर थीम-बेस्ड तरीके से विकसित किया जा रहा है। सेक्टर-5A को जापानी सिटी, सेक्टर-4A को कोरियन सिटी, सेक्टर-11 को फिनटेक हब और सेक्टर-21 को फिल्म सिटी के रूप में प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के किनारे प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं भी विकसित की जाएंगी।
यमुना सिटी के अलग-अलग सेक्टरों की भूमिका भी साफ तौर पर तय की जा रही है। माना जा रहा है कि सेक्टर-5 सबसे प्राइम रेजिडेंशियल एरिया के रूप में उभरेगा, जबकि सेक्टर-10 इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए जाना जाएगा। सेक्टर-28 में सेमीकंडक्टर और मेडिकल डिवाइस पार्क, वहीं सेक्टर-33 और 34 में सामान्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और इलाके में निवेशकों की रुचि भी तेजी से बढ़ेगी।
यीडा के सीईओ आरके सिंह के मुताबिक, यह लिंक एक्सप्रेसवे यमुना सिटी के सेक्टरों को पूरी तरह नई पहचान देगा। एक्सप्रेसवे के पास होने की वजह से इन सेक्टरों में बसावट और औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। साथ ही एयरपोर्ट, दिल्ली, आगरा, मेरठ और यहां तक कि मुंबई जैसे बड़े शहरों के लिए भी सीधी और तेज कनेक्टिविटी संभव होगी। कुल मिलाकर यह परियोजना यमुना सिटी को उत्तर भारत के बड़े औद्योगिक और शहरी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।