Heart Health Spin: प्रदूषण के जहर के बीच दिल की ढाल बन सकता है यह लाल जूस, बीपी को भी रखे संतुलन में

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दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के साथ जिस तरह वायु प्रदूषण गहराता है, उसका असर सिर्फ सांसों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह सीधे हृदय पर हमला करता है। हवा में घुले पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कण रक्त नलिकाओं को संकुचित कर देते हैं, खून के थक्के बनने का खतरा बढ़ाते हैं और हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थितियों की आशंका को कई गुना कर देते हैं। यही वजह है कि प्रदूषण के दिनों में हार्ट पेशेंट्स की ओपीडी में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिलती है और डॉक्टरों की चिंता भी बढ़ जाती है।

वरिष्ठ चिकित्सकों के मुताबिक ठंड बढ़ते ही शरीर की रक्त नलिकाएं सख्त होने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर ऊपर जाता है और शुगर लेवल असंतुलित होने का खतरा भी रहता है। राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इसी दौर में कोरोनरी हार्ट अटैक और हार्ट फेल्योर के मामले सामने आने लगते हैं। प्रदूषण केवल दिल ही नहीं, बल्कि आंखों में जलन, छाती में भारीपन, एलर्जी, पेट के संक्रमण जैसी समस्याओं को भी जन्म देता है और लंबे समय तक इसका असर कैंसर, डिमेंशिया और मानसिक विकारों के रूप में उभर सकता है। इसलिए सर्दियों में खासकर दिल और दिमाग से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी जरूरी है।

ऐसे माहौल में खानपान की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सादा, हल्का भोजन और फलों का नियमित सेवन शरीर को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से कुछ हद तक बचा सकता है। खास तौर पर अनार का जूस दिल के लिए किसी प्राकृतिक कवच की तरह काम करता है। कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि अनार का रस न केवल हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी मददगार होता है। सवाल यह उठता है कि इसे कब और कैसे पिया जाए ताकि पूरा फायदा मिल सके।

चिकित्सकों की सलाह है कि अनार का जूस हर मौसम में पिया जा सकता है, लेकिन समय का ध्यान रखना जरूरी है। जिन लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, वे इसे सुबह या दोपहर के समय लें तो बेहतर रहता है। मधुमेह के मरीजों को खाली पेट अनार का जूस पीने से बचना चाहिए, जबकि रात के समय किसी भी तरह का जूस लेना ठीक नहीं माना जाता, क्योंकि इसकी अम्लीय प्रकृति सीने में जलन और असहजता पैदा कर सकती है।

अनार के जूस को दिल के लिए खास इसलिए माना जाता है क्योंकि इसमें पॉलीफेनॉल जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व रक्त नलिकाओं को स्वस्थ और लचीला बनाए रखते हैं और शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के निर्माण और उपयोग में मदद करते हैं, जिससे रक्त प्रवाह सुचारू रहता है। अमेरिका में हुए एक शोध में तो यहां तक कहा गया कि अनार का रस पीना दिल की धमनियों की हल्की मालिश जैसा प्रभाव देता है। यानी अगर आप चाहते हैं कि आपकी रक्त नलिकाएं लंबे समय तक मजबूत और लचीली बनी रहें, तो अनार के जूस को रोजमर्रा के आहार में शामिल करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह सामग्री मीडिया रिपोर्ट्स और शोध निष्कर्षों पर आधारित है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।

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