नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में साय कैबिनेट की बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कर रहे हैं। साल के आखिरी दिन आयोजित इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि सरकार 2026 की शुरुआत से पहले कई लंबित और संवेदनशील मुद्दों पर निर्णय ले सकती है। प्रशासनिक हलकों में संकेत हैं कि स्वास्थ्य, शिक्षा और कर्मचारियों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के साथ ठोस फैसले लिए जा सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के एजेंडे में कमिश्नरी व्यवस्था से जुड़े निर्णय, धर्मांतरण संशोधन विधेयक और जमीन रजिस्ट्री से संबंधित मामलों पर कैबिनेट का रुख साफ हो सकता है। इन विषयों पर लंबे समय से चर्चा चल रही है और आज की बैठक में इन्हें अंतिम रूप दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। मुख्य सचिव विकास शील ने पहले ही सभी विभागीय प्रमुखों को निर्देश दिए थे कि वे अपने-अपने विभागों के महत्वपूर्ण प्रस्ताव समय पर सचिवालय को उपलब्ध कराएं, ताकि निर्णय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह इस साल की आखिरी कैबिनेट बैठक होने के कारण कई मायनों में निर्णायक हो सकती है। बैठक में नई योजनाओं की रूपरेखा, लंबित विकास कार्यों की समीक्षा, प्रशासनिक सुधारों के प्रस्ताव, कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे और आगामी वित्तीय वर्ष की तैयारियों पर भी गहन विचार-विमर्श संभव है। साथ ही सरकार रोजगार, उद्योग, ग्रामीण विकास और नगरीय निकायों से जुड़े मामलों पर भी अपने इरादे स्पष्ट कर सकती है।
कुल मिलाकर, साल के अंतिम दिन हो रही यह कैबिनेट बैठक छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए दिशा तय करने वाली मानी जा रही है। जिन फैसलों पर आज मुहर लगती है, उनका असर न सिर्फ आने वाले महीनों में बल्कि पूरे 2026 की सरकारी प्राथमिकताओं पर भी साफ दिखाई दे सकता है।