नए साल की शुरुआत के साथ ही घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने वालों के लिए खर्च बढ़ने के संकेत मिल गए हैं। 1 जनवरी से ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के नए स्टार रेटिंग नियम लागू हो चुके हैं, जिनका सीधा असर एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर की कीमतों पर पड़ेगा। इंडस्ट्री का अनुमान है कि रूम AC 10% तक और फ्रिज 5% तक महंगे हो सकते हैं। इसकी वजह सिर्फ नए मानक नहीं, बल्कि कॉपर जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी बताई जा रही है।
नए नियमों के तहत एनर्जी एफिशिएंसी के मानक सख्त कर दिए गए हैं। इसका मतलब यह है कि अब तक जिस मशीन को 5-स्टार माना जाता था, वह नई व्यवस्था में 4-स्टार कहलाएगी। इसी तरह 4-स्टार अब 3-स्टार और 3-स्टार 2-स्टार में बदल जाएगा। Blue Star के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. त्यागराजन के मुताबिक, नया 5-स्टार AC आज की तुलना में करीब 10% ज्यादा बिजली बचाएगा, लेकिन इसकी कीमत भी लगभग उतनी ही ज्यादा होगी। यानी ग्राहक को ज्यादा एफिशिएंट प्रोडक्ट मिलेगा, मगर जेब पर बोझ भी बढ़ेगा।
नई स्टार लेबलिंग में अब QR-कोड अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे ग्राहक स्कैन करके प्रोडक्ट की पूरी एनर्जी परफॉर्मेंस और अन्य जानकारियां देख सकेंगे। यही नियम अब सिर्फ AC और फ्रिज तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि टीवी, LPG गैस चूल्हे, कूलिंग टावर और चिलर्स जैसे उपकरणों पर भी लागू होंगे। मकसद यह है कि खरीदारी के वक्त ग्राहक को साफ-साफ पता चले कि कौन सा प्रोडक्ट कितनी ऊर्जा या गैस की बचत करेगा।
इंडस्ट्री के लिए चुनौती यहीं खत्म नहीं होती। सितंबर में रूम AC पर GST में 10% कटौती से जो राहत मिली थी, वह अब लगभग खत्म होती दिख रही है। Daikin Airconditioning India के चेयरमैन कंवलजीत जावा का कहना है कि नई कीमतें GST कटौती से पहले वाले स्तर के आसपास पहुंच सकती हैं। यानी टैक्स में मिली राहत, बढ़ी इनपुट कॉस्ट में समा जाएगी।
Godrej Appliances के बिजनेस हेड कमल नंदी के मुताबिक, इंडस्ट्री इस वक्त दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ रुपये की कमजोरी और कॉपर जैसी कमोडिटीज की महंगाई है, दूसरी तरफ एनर्जी रेटिंग में बदलाव। इन सबका असर मिलकर AC की कीमतों में 5–7% और फ्रिज में 3–5% तक की तत्काल बढ़ोतरी के रूप में दिख सकता है।
हालांकि मांग को लेकर कंपनियां थोड़ी उम्मीद भी जता रही हैं। Voltas के सीनियर बिजनेस लीडर जयंत बालन का मानना है कि रेटिंग बदलाव से पहले ही लोग खरीदारी तेज कर रहे हैं, ताकि मौजूदा दाम और स्टॉक का फायदा उठाया जा सके। उनके अनुसार अलग-अलग मॉडल और कैटेगरी में औसतन 7–8% तक दाम बढ़ने की संभावना है, जिससे बाजार में पहले से ही हलचल दिख रही है।
कुल मिलाकर, नए नियमों से बिजली की बचत तो बढ़ेगी, लेकिन उपभोक्ताओं को इसके लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। ऐसे में जो लोग नया AC या फ्रिज खरीदने की सोच रहे हैं, उनके लिए टाइमिंग अब पहले से ज्यादा अहम हो गई है।