1 फरवरी से सिगरेट पर महंगाई का कश: नई एक्साइज ड्यूटी का असर, तंबाकू शेयरों में तेज गिरावट

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सरकार के ताज़ा फैसले ने तंबाकू सेक्टर में हलचल मचा दी है। 1 फरवरी से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू होने की घोषणा के बाद शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। नतीजा यह रहा कि गुरुवार के कारोबार में ITC के शेयर 6% से ज्यादा टूटकर करीब 378 रुपये पर आ गए और यह निफ्टी 50 के सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल हो गया। वहीं Godfrey Phillips India के शेयरों पर और ज्यादा दबाव दिखा और इसमें करीब 10% की गिरावट दर्ज की गई।

इस गिरावट की जड़ दिसंबर में संसद से पास हुए सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) विधेयक, 2025 में है, जिसके बाद सरकार को सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नई ड्यूटी लगाने का रास्ता साफ हो गया। अब यह नई एक्साइज व्यवस्था पहले से लागू अस्थायी सेस की जगह लेगी। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 सिगरेट पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक की एक्साइज ड्यूटी लगेगी, जो मौजूदा 40% जीएसटी के अतिरिक्त होगी। यानी कुल टैक्स बोझ और बढ़ेगा।

फिलहाल भारत में सिगरेट की खुदरा कीमत का करीब 53% हिस्सा टैक्स के रूप में जाता है, जिसमें 28% जीएसटी और अन्य वैल्यू आधारित लेवी शामिल हैं। यह स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुझाए 75% टैक्स बेंचमार्क से कम जरूर है, लेकिन सरकार का यह कदम तंबाकू खपत को हतोत्साहित करने और राजस्व बढ़ाने—दोनों उद्देश्यों की ओर इशारा करता है। बाजार की नजर से देखें तो इसका सीधा असर कंपनियों की लागत, मार्जिन और मांग पर पड़ने की आशंका है।

एनालिस्ट्स का मानना है कि नई एक्साइज ड्यूटी के बाद 75 से 85 मिमी लंबाई वाली सिगरेट की कुल लागत में 22% से 28% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। आईटीसी के सिगरेट वॉल्यूम में 75 मिमी से लंबी सिगरेट का हिस्सा करीब 16% है, जिनकी कीमत प्रति सिगरेट 2–3 रुपये तक बढ़ सकती है। ऐसे में मांग पर असर पड़ने की चिंता से निवेशक सतर्क हो गए हैं। यही वजह है कि आईटीसी के शेयर पिछले पांच दिनों में करीब 6% और छह महीनों में 8% से ज्यादा टूट चुके हैं, जबकि गॉडफ्रे फिलिप्स में भी हालिया कमजोरी दिखी है—भले ही 2025 में इस शेयर ने पहले अच्छी तेजी दिखाई हो।

कुल मिलाकर, नई एक्साइज ड्यूटी से उपभोक्ताओं के लिए सिगरेट महंगी होगी और कंपनियों के लिए कारोबारी चुनौतियां बढ़ेंगी। इसी आशंका ने तंबाकू शेयरों पर दबाव बनाया है और बाजार ने इस नीति बदलाव को तुरंत भावों में उतार दिया है।

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