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जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में ओपीडी परिसर में मासिक सीपीआर प्रशिक्षण आयोजित

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सेल– भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएचआरसी) के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग द्वारा “चेन ऑफ सर्वाइवल” को सुदृढ़ करने की दिशा में ओपीडी परिसर में 01 जनवरी, 2026 को मासिक सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण सत्र में ओपीडी में उपस्थित रोगियों एवं उनके परिजनों को आकस्मिक हृदयाघात की स्थिति में तत्काल जीवनरक्षक सहायता प्रदान करने संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की टीम ने इस तथ्य को बताया कि  हृदय गति रुकने के बाद के प्रारंभिक कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसी उद्देश्य से आमजन के लिए सरल एवं प्रभावी जीवनरक्षक तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षकों द्वारा “पुश हार्ड, पुश फास्ट” सिद्धांत पर आधारित हैंड्स–ओनली सीपीआर की विधि का प्रदर्शन किया गया, जिससे बिना माउथ-टू-माउथ प्रक्रिया के भी त्वरित सहायता संभव हो सके। साथ ही, हृदय संबंधी आपात स्थिति की शीघ्र पहचान तथा तत्काल चिकित्सकीय सहायता बुलाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

प्रशिक्षण सत्र के अंतर्गत मैनिकिन्स के माध्यम से उपस्थितजनों को व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, जिसमें चिकित्सकीय स्टाफ ने व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन प्रदान करते हुए सीने पर सही दबाव की जानकारी दी। इस प्रत्यक्ष सहभागिता से प्रतिभागियों में आत्मविश्वास का संचार हुआ और वे आपात स्थिति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित हुए।

प्रत्येक माह की पहली तारीख को आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से एनेस्थीसियोलॉजी विभाग केवल ऑपरेशन थियेटर तक सीमित न रहकर, जन समुदाय के बीच जाकर जनस्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त कर रहा है। ओपीडी परिसर जैसे सार्वजनिक स्थल पर इस प्रकार के प्रशिक्षण के आयोजन पे अस्पताल प्रशासन ने कहा कि जेएलएनएचआरसी एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में अग्रसर है, जहाँ कोई भी व्यक्ति—चाहे वह चिकित्सकीय पृष्ठभूमि से हो या नहीं—आपात स्थिति में जीवन बचाने में सक्षम बन सके।

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया कि किसी भी व्यक्ति की जान केवल जानकारी के अभाव में न जाए।

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