अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज एक बार फिर पब्लिक बॉन्ड मार्केट में उतरने जा रही है। अगले हफ्ते कंपनी लगभग ₹1000 करोड़ का पब्लिक बॉन्ड इश्यू लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसमें ₹500 करोड़ का ग्रीनशू ऑप्शन भी शामिल रहेगा। बाजार से मिली जानकारी के अनुसार यह इश्यू 6 जनवरी को खुलेगा और 19 जनवरी 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा, हालांकि बेहतर रिस्पॉन्स की स्थिति में इसे पहले भी बंद किया जा सकता है।
इस इश्यू के तहत कंपनी 2 साल, 3 साल और 5 साल की मैच्योरिटी वाले बॉन्ड जारी करेगी। इन पर निवेशकों को 8.60% से 8.90% तक का आकर्षक सालाना कूपन ऑफर किया जा रहा है। 2 साल की अवधि वाले बॉन्ड पर 8.60%, 3 साल पर 8.75% और 5 साल की मैच्योरिटी पर 8.90% ब्याज मिलेगा। निवेशकों को कूपन पेमेंट क्वार्टरली लेने या क्युमुलेटिव ऑप्शन चुनने की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे अलग-अलग इनकम जरूरतों वाले निवेशक अपनी पसंद के अनुसार विकल्प चुन सकें।
इस पब्लिक बॉन्ड इश्यू को क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों CARE और ICRA से AA- रेटिंग मिली है। यह रेटिंग इस बात का संकेत मानी जाती है कि समय पर ब्याज और मूलधन भुगतान की संभावना काफी मजबूत है। खास बात यह है कि ये सिक्योर्ड एनसीडी हैं, यानी कंपनी की कुछ एसेट्स से बैक्ड होंगे, जिससे रिस्क प्रोफाइल तुलनात्मक रूप से कम मानी जाती है। कुल इश्यू का 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है, जो फिक्स्ड इनकम ऑप्शन तलाश रहे छोटे निवेशकों के लिए इसे और आकर्षक बनाता है।
यह अडाणी एंटरप्राइजेज का तीसरा पब्लिक बॉन्ड इश्यू होगा। इससे पहले जुलाई 2025 में कंपनी ने इसी तरह 2, 3 और 5 साल की ट्रांच में ₹1000 करोड़ जुटाए थे, जबकि सितंबर 2024 में पहला पब्लिक डेट इश्यू लाया गया था। दोनों ही मौकों पर निवेशकों का रिस्पॉन्स मजबूत रहा था, जिससे कंपनी का बॉन्ड मार्केट में भरोसा और ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर माना जा रहा है।
कंपनी का उद्देश्य फंडिंग सोर्स को और ज्यादा डाइवर्सिफाई करना और अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना बताया जा रहा है। अडाणी एंटरप्राइजेज एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बड़े सेक्टर्स में सक्रिय है और दीर्घकालिक विस्तार योजनाओं के लिए स्थिर फंडिंग पर जोर दे रही है। मौजूदा कूपन रेट्स की तुलना अगर बैंक एफडी से की जाए, तो यह इश्यू ज्यादा आकर्षक नजर आता है, हालांकि निवेश से पहले प्रॉस्पेक्टस पढ़ना और अपनी रिस्क प्रोफाइल के हिसाब से फैसला लेना जरूरी रहेगा। कंपनी की ओर से फिलहाल इस इश्यू पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।