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71 पर आधी टीम ढेर, फिर आया हार्दिक पंड्या का तूफान: सातवें नंबर से उतरकर 50 ओवर क्रिकेट का पहला शतक

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भारतीय क्रिकेट के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मुश्किल हालात उनके लिए मंच होते हैं। करीब एक साल बाद वनडे फॉर्मेट में वापसी करते हुए हार्दिक ने बड़ौदा की ओर से विजय हजारे ट्रॉफी में ऐसा तूफान खड़ा किया, जिसने मैच का रुख ही बदल दिया। विदर्भ के खिलाफ मुकाबले में जब बड़ौदा की आधी टीम सिर्फ 71 रन पर पवेलियन लौट चुकी थी, तब सातवें नंबर पर उतरे हार्दिक ने अकेले दम पर पारी को संभालने के बजाय उसे आक्रामक ऊंचाई तक पहुंचा दिया।

20 ओवर के भीतर 5 विकेट गिरने के बाद हालात बेहद कठिन थे, लेकिन हार्दिक ने हालात को पढ़ते हुए पहले पारी को स्थिर किया और फिर अचानक गियर बदल दिया। उनकी बल्लेबाज़ी में वही पुरानी बेखौफ झलक दिखी—लंबे छक्के, गैप में चौके और गेंदबाज़ों पर लगातार दबाव। खासकर पार्थ रेखाड़े का एक ओवर हार्दिक के बल्ले से ऐसा निकला, जिसने स्टेडियम का माहौल बदल दिया। उस एक ओवर में 34 रन ठोकते हुए हार्दिक ने सिर्फ 68 गेंदों में 50 ओवर क्रिकेट का अपना पहला शतक पूरा कर लिया।

38 ओवर के अंत तक हार्दिक 62 गेंदों पर 66 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन इसके बाद जो हुआ वह पूरी तरह एकतरफा रहा। शतक के बाद भी उन्होंने रफ्तार कम नहीं की और यश ठाकुर की गेंद पर आउट होने से पहले महज़ 92 गेंदों में 133 रन ठोक डाले। इस विस्फोटक पारी में 11 छक्के और 8 चौके शामिल रहे। हार्दिक की इस पारी की बदौलत बड़ौदा, जो एक समय संघर्ष कर रहा था, 50 ओवर में 293 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच गया।

इस घरेलू क्रिकेट के दिन ने सिर्फ हार्दिक को ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के दूसरे सितारों को भी चमकने का मौका दिया। अक्षर पटेल ने आंध्र के खिलाफ गुजरात के लिए अपना पहला लिस्ट-ए शतक जड़ा और 111 गेंदों में 130 रन बनाकर टीम को 318 रन तक पहुंचाया। वहीं महाराष्ट्र और मुंबई के बीच खेले गए मुकाबले में अर्शिन कुलकर्णी का शतक और पृथ्वी शॉ व ऋतुराज गायकवाड़ की आक्रामक पारियां भी चर्चा में रहीं।

लेकिन इस पूरे दिन की सबसे बड़ी कहानी वही रही—जब टीम बिखर चुकी थी, तब हार्दिक पंड्या का बल्ला गरजा और 50 ओवर क्रिकेट में उनके नाम एक यादगार पहला शतक दर्ज हो गया। यह पारी सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास, मैच-अवेयरनेस और बड़े मंच पर लौटने के इरादे की भी गवाही थी।

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