Meta Pixel

छत्तीसगढ़ में स्टेट कैपिटल रीजन को हरी झंडी, 210 पदों के साथ प्रशासनिक ढांचा तैयार; मुख्यमंत्री साय बनेंगे बोर्ड के अध्यक्ष

Spread the love

छत्तीसगढ़ में राजधानी क्षेत्र के सुनियोजित और संतुलित विकास की दिशा में एक बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने स्टेट कैपिटल रीजन यानी SCR के लिए प्रस्तावित 210 पदों के सेटअप को मंजूरी दे दी है। 31 दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के साथ ही यह साफ हो गया है कि सरकार अब राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों को एक व्यवस्थित, आधुनिक और दीर्घकालिक विकास मॉडल की ओर ले जाना चाहती है।

इस मंजूरी के बाद SCR बोर्ड के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। प्रस्तावित ढांचे के अनुसार, बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे, जबकि सरकार के चार मंत्रियों को भी बोर्ड में सदस्य के रूप में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा शहरी प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, पर्यावरण विभाग से जुड़े मंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ सचिव और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी बोर्ड में प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना है।

सरकार का मानना है कि यह बोर्ड राजधानी क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को गति देगा। SCR बोर्ड शहरी विस्तार की दिशा तय करेगा, अधोसंरचना विकास की योजनाओं को मंजूरी देगा, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े फैसले करेगा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी फोकस करेगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनने वाला यह बोर्ड राजधानी और आसपास के इलाकों को एक सुव्यवस्थित शहरी स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाने वाला है।

जानकारी के मुताबिक, SCR के लिए प्रस्तावित सेटअप को लेकर वित्त विभाग ने करीब डेढ़ महीने पहले ही अपनी सहमति दे दी थी। इसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी यानी CEO से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक कुल 210 पदों को स्वीकृति दी गई थी। वित्तीय सहमति के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट के सामने लाया गया, जहां अब अंतिम मंजूरी मिल गई है।

सेटअप को हरी झंडी मिलने के साथ ही SCR के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अब तक स्टेट कैपिटल रीजन के गठन की प्रक्रिया में विधि विभाग से परामर्श, प्रशासनिक ढांचे की रूपरेखा और मानव संसाधन योजना जैसे कई अहम चरण पूरे किए जा चुके हैं। बोर्ड के औपचारिक गठन के बाद नीतिगत फैसले लेने और विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया और तेज होगी।

सरकार का स्पष्ट संकेत है कि SCR बोर्ड राजधानी क्षेत्र से जुड़े बड़े और दीर्घकालिक मुद्दों पर एकीकृत निर्णय लेने वाला मंच बनेगा। शहरीकरण के दबाव, बुनियादी सुविधाओं की जरूरत और पर्यावरण संतुलन जैसे विषयों पर एक साथ फैसले लेकर राजधानी क्षेत्र को एक आधुनिक, सुनियोजित और टिकाऊ विकास मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में यह कदम निर्णायक माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *