छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार में महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई शर्मनाक घटना के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को उसे पड़ीगांव, तमनार से पकड़ा गया, जिसके बाद इलाके में उसका जुलूस निकाला गया। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने आरोपी को चप्पलों की माला पहनाई, हाथों में चूड़ियां थमाईं और फटाके फोड़कर अपना आक्रोश जाहिर किया। यह दृश्य उस गुस्से और पीड़ा का प्रतीक बना, जो महिला कांस्टेबल के साथ हुए अमानवीय व्यवहार के बाद पूरे पुलिस महकमे में व्याप्त था।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले तमनार क्षेत्र में कोयला खदान के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान उग्र भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात एक महिला कांस्टेबल के साथ बर्बरता की थी। भीड़ ने न केवल उसे दौड़ाकर गिराया, बल्कि उसकी वर्दी फाड़कर खुलेआम बदसलूकी की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। वीडियो में साफ दिखा कि महिला कांस्टेबल किस तरह अपनी अस्मत बचाने की कोशिश करती रही, एक हाथ से कपड़े संभालती और दूसरे हाथ से खुद को बचाने का प्रयास करती रही, लेकिन आंदोलन की आड़ में खड़े कुछ असामाजिक तत्वों पर उसकी गुहार का कोई असर नहीं हुआ।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी चित्रसेन साव की तलाश जारी थी। अब उसकी गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने यह साफ संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ और महिला पुलिसकर्मियों के सम्मान पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि महिला पुलिसकर्मी के साथ हुआ यह कृत्य अक्षम्य है। मामले से जुड़े अन्य फुटेज और सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कानून का हाथ लंबा है और कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा।
यह घटना सिर्फ एक महिला कांस्टेबल पर हमला नहीं, बल्कि पूरे कानून-व्यवस्था तंत्र और महिलाओं के सम्मान पर सीधा हमला है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि ऐसे कृत्यों का जवाब कानून और सख्ती से ही दिया जाएगा।