उम्र बढ़ने के साथ शरीर में जो सबसे खामोश लेकिन खतरनाक बदलाव आता है, वह हड्डियों की मजबूती का धीरे-धीरे कम होना है। 40 की उम्र पार करते ही कैल्शियम, विटामिन-D और प्रोटीन की कमी हड्डियों को भीतर से खोखला करने लगती है। शुरुआत में हल्का दर्द, जकड़न या थकान महसूस होती है, लेकिन समय के साथ यही कमजोरी फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। अच्छी खबर यह है कि सही खान-पान से इस गिरावट को काफी हद तक रोका ही नहीं, बल्कि सुधारा भी जा सकता है।
दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स हड्डियों के लिए सबसे भरोसेमंद सहारा माने जाते हैं। इनमें मौजूद कैल्शियम सीधे तौर पर बोन डेंसिटी को मजबूत करता है और उम्र के साथ होने वाले बोन लॉस को धीमा करता है। रोज़ाना डाइट में एक गिलास दूध या एक कटोरी दही शामिल करना हड्डियों को लगातार पोषण देता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां भी हड्डियों के लिए किसी औषधि से कम नहीं हैं। पालक, मेथी, सरसों और ब्रोकली में सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, बल्कि विटामिन-K भी पाया जाता है, जो कैल्शियम को हड्डियों में सही तरीके से जमा करने में मदद करता है। यही वजह है कि इन सब्जियों का नियमित सेवन हड्डियों को भीतर से मजबूत बनाता है।
ड्राई फ्रूट्स और नट्स जैसे बादाम, अखरोट और तिल हड्डियों के लिए मिनरल पावरहाउस माने जाते हैं। इनमें कैल्शियम के साथ मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भी होता है, जो हड्डियों की संरचना को मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। रोज़ाना मुट्ठी भर नट्स खाना बोन हेल्थ के लिए एक आसान लेकिन असरदार आदत है।
अंडे की जर्दी और फैटी फिश जैसे सैल्मन या सार्डिन विटामिन-D के बेहतरीन स्रोत हैं। विटामिन-D के बिना शरीर कैल्शियम को ठीक से अवशोषित ही नहीं कर पाता। ऐसे में धूप के साथ इन फूड्स का सेवन हड्डियों की ताकत को कई गुना बढ़ा देता है।
दालें, चना, राजमा और सोया प्रोडक्ट्स प्रोटीन से भरपूर होते हैं, जो हड्डियों की मरम्मत और नई बोन टिश्यू के निर्माण में मदद करते हैं। खासकर शाकाहारी लोगों के लिए ये फूड्स हड्डियों को मजबूत बनाए रखने का सबसे अच्छा विकल्प माने जाते हैं।
अगर रोज़मर्रा की डाइट में इन फूड्स को सही मात्रा में शामिल कर लिया जाए, तो उम्र सिर्फ एक नंबर बनकर रह जाती है और हड्डियां लंबे समय तक मजबूत व एक्टिव बनी रह सकती हैं।
(Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी डाइट या हेल्थ संबंधी बदलाव से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।)