छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होने वाली है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी Sachin Pilot 7 जनवरी को एक दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे का मुख्य फोकस प्रदेशभर में मनरेगा को लेकर चल रहे कांग्रेस के आंदोलन की समीक्षा और संगठनात्मक मजबूती पर रहेगा।
रायपुर प्रवास के दौरान सचिन पायलट हाल ही में नियुक्त किए गए कांग्रेस के जिलाध्यक्षों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में जिलाध्यक्षों की भूमिका, जिम्मेदारियों और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने के लिए जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग और फील्ड स्ट्रैटेजी पर भी मंथन किया जाएगा।
कांग्रेस के लिए यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने छत्तीसगढ़ में मनरेगा से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आंदोलन छेड़ रखा है। बेरोजगारी, काम के दिनों में कटौती और भुगतान से जुड़ी शिकायतों को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। सचिन पायलट इस आंदोलन की दिशा, असर और आगे की रणनीति को लेकर फीडबैक लेंगे और संगठन को स्पष्ट दिशा देने की कोशिश करेंगे।
इससे पहले सचिन पायलट 26 नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आए थे। उस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे SIR अभियान की समीक्षा की थी और संविधान बचाओ दिवस के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। रायपुर पहुंचने के बाद वे धमतरी गए थे, जहां संविधान बचाओ दिवस के आयोजन में शामिल होने के साथ-साथ संगठनात्मक बैठक की थी। इसके बाद कांकेर और जगदलपुर में भी पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें हुई थीं। 27 नवंबर को मीडिया से बातचीत के बाद वे दिल्ली लौट गए थे।
पार्टी नेताओं का मानना है कि 7 जनवरी का दौरा भी कांग्रेस की आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। खासतौर पर जिलाध्यक्षों को सक्रिय भूमिका में लाने, संगठन को जमीनी स्तर पर धार देने और मनरेगा आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए इस दौरे से कई अहम संकेत सामने आ सकते हैं।