छत्तीसगढ़ के Ambikapur समेत पूरे Surguja संभाग में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने हालात मुश्किल कर दिए हैं। गिरते तापमान, घने कोहरे और कम विजिबिलिटी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने 1 से 5वीं कक्षा तक के सभी प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह फैसला बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
पश्चिमोत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं ने सरगुजा संभाग को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। सुबह से ही घना कोहरा छाया रहता है, जिससे सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई है। दिनभर लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है और आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की चेतावनी दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय रहे पछुआ विक्षोभ के कारण पिछले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही से ठंड से थोड़ी राहत मिली थी और न्यूनतम तापमान बढ़कर करीब 9.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। लेकिन विक्षोभ का असर खत्म होते ही रविवार शाम से पश्चिमोत्तर की ठंडी हवाओं का तेज प्रवाह शुरू हो गया, जिसके साथ ही घने कोहरे और शीतलहर का प्रभाव और बढ़ गया है।
इसी तरह ठंड का असर Balrampur-Ramanujganj जिले में भी देखने को मिला है। वहां जिला शिक्षा अधिकारी ने तापमान में लगातार गिरावट को देखते हुए विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह तात्कालिक कदम उठाया गया है।
हालांकि, जारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को इस अवकाश से छूट दी गई है, क्योंकि इन कक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षाएं चल रही हैं। इन छात्रों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्कूल पहुंचना होगा। वहीं यह अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए रहेगा, शिक्षक और अन्य स्टाफ नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहेंगे।
प्रशासन और शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने दें। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात के अनुसार आगे भी निर्णय लिए जा सकते हैं।