छत्तीसगढ़ के Mohla-Manpur-Ambagarh Chowki जिले में नक्सल नेटवर्क को करारा झटका लगा है। District Reserve Guard और Indo-Tibetan Border Police की संयुक्त टीम ने मोहला विकासखंड के परवीडीह जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छुपाकर रखे गए विस्फोटकों का बड़ा डंप बरामद किया है। इस कार्रवाई में बीजीएल पाइप, क्लेमोर माइंस से जुड़े उपकरण, बड़ी संख्या में डेटोनेटर और बारूद जमीन में गड़ा हुआ मिला, जिसे समय रहते निष्क्रिय कर लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, यह डंप सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की मंशा से पहले से तैयार कर रखा गया था। आत्मसमर्पित नक्सली और विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर की गई सटीक कार्रवाई में सुबह के वक्त डीआरजी के प्रभारी भगत जांडे और आईटीबीपी की टीमों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। पुलिस अधीक्षक Y. P. Singh ने बरामदगी की पुष्टि करते हुए बताया कि 11 क्लेमोर माइंस के पाइप, करीब 100 डेटोनेटर और भारी मात्रा में बारूद जब्त किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सली संगठन इस इलाके में फोर्स पर बड़े हमले की तैयारी कर रहे थे, लेकिन समय रहते डंप मिलने से उनकी साजिश नाकाम हो गई। अधिकारियों के अनुसार, जिले में नक्सल गतिविधियां अब लगभग समाप्ति की ओर हैं। फिलहाल अंदरूनी जंगलों में नेतृत्वविहीन हालत में 7 से 8 नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है, जिन्हें आत्मसमर्पण के लिए लगातार अपील की जा रही है।
परवीडीह जंगल में मिली यह सफलता न सिर्फ सुरक्षा बलों की सतर्कता और खुफिया नेटवर्क की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में अभियान निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।