शेयर बाजार में कई बार नतीजों से ज़्यादा असर एक टिप्पणी या संकेत का होता है, और मंगलवार को यही देखने को मिला जब Indian Energy Exchange यानी IEX के शेयरों ने अचानक रफ्तार पकड़ ली। एक ही कारोबारी सत्र में IEX का शेयर करीब 13 प्रतिशत उछलकर 153.50 रुपये तक पहुंच गया। इस तेज़ी के पीछे वजह कंपनी का तिमाही प्रदर्शन नहीं, बल्कि बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण की वह सख्त टिप्पणी रही, जिसने मार्केट कपलिंग नियमों को कटघरे में खड़ा कर दिया।
दरअसल, सुनवाई के दौरान अपीलीय न्यायाधिकरण ने सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन द्वारा बनाए गए मार्केट कपलिंग नियमों की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। ट्रिब्यूनल ने साफ कहा कि इस आदेश को तैयार करने में पारदर्शिता की कमी दिखती है और पूरी प्रक्रिया संदेह के दायरे में आती है। यहां तक कहा गया कि रेगुलेटर को ‘सीज़र की पत्नी’ की तरह हर शक से ऊपर होना चाहिए था। इस टिप्पणी ने बाजार को यह संकेत दिया कि जिन नियमों से IEX के बिज़नेस मॉडल पर सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा था, उन पर अब कानूनी स्तर पर सख्ती से पुनर्विचार हो सकता है।
IEX की ओर से पेश वकील ने भी ट्रिब्यूनल के सामने यह तर्क रखा कि चाहे इनसाइडर ट्रेडिंग से जुड़ी जांच को अलग रखा जाए, लेकिन मार्केट कपलिंग का आदेश अपने आप में गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। न्यायाधिकरण ने यह जानना चाहा कि इन नियमों को इतनी जल्दबाजी में क्यों लाया गया और इसकी वास्तविक प्रक्रिया क्या रही। भले ही फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं दी गई, लेकिन अगली सुनवाई 9 जनवरी को तय होने और उसी दिन फैसले की संभावना ने निवेशकों की उम्मीदें बढ़ा दीं।
इस उम्मीद का असर शेयर बाजार में साफ दिखा। IEX का शेयर दिन के अंत में करीब 9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 146.80 रुपये पर बंद हुआ और निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स का टॉप गेनर बना। ट्रेडिंग वॉल्यूम भी असाधारण रहा, जहां करीब 2.36 करोड़ शेयरों की खरीद-बिक्री हुई, जो इसके 30 दिन के औसत से लगभग चार गुना ज्यादा थी। यानी सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि निवेशकों की दिलचस्पी भी अचानक बढ़ गई।
तेज़ी की एक वजह कंपनी का हालिया कारोबारी प्रदर्शन भी रहा। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में IEX प्लेटफॉर्म पर बिजली का कुल कारोबार सालाना आधार पर करीब 11.9 प्रतिशत बढ़कर 34.08 बिलियन यूनिट पहुंच गया। हालांकि, रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन मुख्य बिजली कारोबार की मजबूती ने निवेशकों को भरोसा दिया कि कंपनी का कोर बिज़नेस अब भी मजबूत है।
याद दिला दें कि मार्केट कपलिंग नियमों को लेकर पहले ही बाजार में डर बना हुआ था। जुलाई 2025 में जैसे ही इन नियमों से जुड़ा आदेश आया था, IEX का शेयर एक ही दिन में करीब 30 प्रतिशत टूट गया था। वजह साफ थी—एक समान बिजली कीमत लागू होने से IEX की लगभग 85 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी पर असर पड़ सकता था। अब अपीलीय न्यायाधिकरण की सख्त टिप्पणियों के बाद निवेशकों को लगने लगा है कि इस मामले में IEX को बड़ी राहत मिल सकती है, और यही उम्मीद शेयर को एक ही दिन में ‘रॉकेट’ बना गई।