धान खरीदी में बड़ा खेल: जशपुर के कोनपारा केंद्र में 6 करोड़ से ज्यादा का घोटाला, फड़ प्रभारी गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के कोनपारा धान खरीदी केंद्र में सामने आए करोड़ों के घोटाले ने प्रशासन और सहकारी तंत्र की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला दिया है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि खरीफ वर्ष 2024–25 के दौरान धान खरीदी और उसके भंडारण–प्रेषण के आंकड़ों में भारी अंतर है, जिससे 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपये की अनियमितता की पुष्टि हुई है।

जांच में यह भी सामने आया कि केंद्र में कागजों में 1 लाख 61 हजार 250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई, जबकि मिलों और संग्रहण केंद्रों तक वास्तव में सिर्फ 1 लाख 40 हजार 663.12 क्विंटल धान ही पहुंचा। यानी करीब 20 हजार 586.88 क्विंटल धान का हिसाब नहीं मिल पा रहा है। यही अंतर पूरे घोटाले की जड़ माना जा रहा है।

इस पूरे मामले की परतें तब खुलीं जब छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के नोडल अधिकारी ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर तुमला थाना पुलिस को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने प्राधिकृत अधिकारी समेत कुल छह लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया। जांच आगे बढ़ी तो मुख्य आरोपी के रूप में फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव का नाम सामने आया।

जशपुर पुलिस ने लगातार दबिश के बाद शिशुपाल यादव (39 वर्ष, निवासी झारमुंडा) को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं समिति प्रबंधक जय प्रकाश साहू सहित अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने साफ किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

तुमला थाना पुलिस ने इस घोटाले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 320, 336, 328 और 61 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। फिलहाल विवेचना जारी है और यह माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी नाम सामने आ सकते हैं। यह मामला सिर्फ आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि किसानों के हक पर पड़े सीधे डाके का प्रतीक बन गया है, जिस पर प्रशासन की अगली कार्रवाई अब सबकी नजर में है।

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