राजनांदगांव जिले के समीप ग्राम धर्मापुर में कथित धर्मांतरण को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। आदिवासी क्षेत्र से युवाओं और बच्चों को लाकर धर्मांतरण कराए जाने के आरोप सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया। इस मुद्दे को लेकर Vishwa Hindu Parishad और Bajrang Dal के कार्यकर्ता धर्मापुर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि धर्मापुर में पहले डेविड चाको द्वारा एक आवासीय परियोजना के नाम पर निर्माण की जानकारी स्थानीय सरपंच और ग्रामीणों को दी गई थी, लेकिन बाद में उसी परिसर में चर्च स्थापित कर दिया गया और अब वहां कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। संगठनों ने इसे विश्वासघात बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि गांव में ईसाई मिशनरियों द्वारा अवैध तरीके से एक आश्रम चलाया जा रहा है, जहां करीब 10 अनाथ आदिवासी बच्चों को रखा गया है, जिनमें किशोरियां भी शामिल हैं। आरोप है कि इस आश्रम का संचालन डेविड चाको कर रहा है, जिन पर पहले भी धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लगते रहे हैं। संगठनों ने मांग की है कि आश्रम को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए और वहां रह रहे बच्चों की समुचित देखभाल और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए आश्रम संचालक को थाने बुलाकर पूछताछ की। अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासन का कहना है कि सभी आरोपों की तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी और कानून के तहत जो भी कदम जरूरी होंगे, वे उठाए जाएंगे।
कुल मिलाकर, धर्मापुर में उठे इस विवाद ने एक बार फिर संवेदनशील मुद्दों पर प्रशासनिक सतर्कता और कानूनी प्रक्रिया के महत्व को रेखांकित कर दिया है। अब सबकी नजरें जांच के नतीजों और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।