भारत की समुद्री ताकत और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को नई ऊंचाई देते हुए स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण जहाज समुद्र प्रताप अब आधिकारिक रूप से सेवा में आ गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस जहाज के शुरू होने से न केवल भारत की तकनीकी क्षमता मजबूत हुई है, बल्कि यह देश की पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति गंभीरता को भी दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वदेशी तकनीक से निर्मित ‘समुद्र प्रताप’ भारत की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें सुरक्षा, पर्यावरण और आत्मनिर्भरता—तीनों को समान महत्व दिया जाता है। यह जहाज समुद्री प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ-साथ आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की क्षमता को भी मजबूत करेगा।
इस ऐतिहासिक पोत का शुभारंभ सोमवार को रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने किया था। ‘समुद्र प्रताप’ भारत का पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत है और इसे अब तक का Indian Coast Guard के बेड़े का सबसे बड़ा जहाज बताया जा रहा है। इसकी तैनाती से तटीय इलाकों और समुद्री क्षेत्रों में तेल रिसाव, रासायनिक प्रदूषण और अन्य पर्यावरणीय खतरों से निपटने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
सरकार का मानना है कि ‘समुद्र प्रताप’ सिर्फ एक जहाज नहीं, बल्कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान की समुद्री पहचान है। यह दिखाता है कि भारत अब न केवल अपनी रक्षा जरूरतों को खुद पूरा कर रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी नेतृत्व की भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहा है।