छत्तीसगढ़ के Ambikapur में सरकारी राशन व्यवस्था की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ग्राम कोरजा स्थित पीडीएस दुकान को अज्ञात चोरों ने बीती रात निशाना बनाते हुए ताले तोड़े और देखते ही देखते 24 क्विंटल से अधिक राशन सामग्री लेकर फरार हो गए। चोरी में 13 क्विंटल चना, 4 क्विंटल शक्कर और 7 क्विंटल चावल शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 30 हजार 800 रुपये आंकी गई है। सुबह जब दुकान खुली तो भीतर का नजारा देख हर कोई सन्न रह गया और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक यह वारदात 7 जनवरी की रात अंजाम दी गई। पीडीएस संचालक और प्रार्थी शिवनारायण सिंह ने जैसे ही टूटे ताले और खाली गोदाम देखा, तत्काल पुलिस को सूचना दी। मामला Lakhanpur Police Station में दर्ज किया गया, जहां बीएनएस की धारा 331(4), 305A और 305E के तहत अपराध कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि यह सीधे गरीबों के हक के राशन से जुड़ा हुआ है।
इस चोरी ने एक और चिंता को जन्म दिया है। इससे पहले कोसगां, केवरा और कुंवरपुर इलाकों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे किसी संगठित गिरोह की सक्रियता की आशंका गहराती जा रही है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि चोरों ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया, मानो उन्हें दुकान की संरचना और अंदर रखे स्टॉक की पूरी जानकारी पहले से हो।
फिलहाल लखनपुर पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। इस घटना ने न सिर्फ प्रशासन की चौकसी पर सवाल उठाए हैं, बल्कि ग्रामीणों के मन में यह डर भी पैदा कर दिया है कि अगर सरकारी राशन की दुकानों तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा का भरोसा आखिर किस पर टिका है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच इस बात का खुलासा करेगी कि यह महज एक चोरी थी या फिर पीडीएस व्यवस्था पर संगठित हमला।