भूपेश को फिर असम की कमान: कांग्रेस ने चुनावी मोर्चे पर उतारे अनुभवी चेहरे, रणनीति को मिलेगी धार

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रायपुर से कांग्रेस संगठन की बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी को रफ्तार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों में अखिल पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी है। यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी और इन्हें सीधे तौर पर चुनावी रणनीति को ज़मीन पर उतारने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इस फैसले पर पार्टी के महासचिव K. C. Venugopal ने औपचारिक आदेश जारी किए हैं।

असम के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel पर भरोसा जताया है। उनके साथ कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar और झारखंड के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि इन तीनों नेताओं का अनुभव और संगठनात्मक पकड़ असम में कांग्रेस को नई ऊर्जा देने का काम करेगी, जहां पार्टी लंबे समय से खुद को फिर से खड़ा करने की कोशिश में जुटी है।

केरल के मोर्चे पर कांग्रेस ने अलग ही सियासी समीकरण साधने की कोशिश की है। यहां चुनावी रणनीति और संगठनात्मक समन्वय की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ प्रभारी Sachin Pilot, के.जे. जॉर्ज, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और युवा नेता कन्हैया कुमार को सौंपी गई है। यह टीम संगठन और युवाओं के बीच संवाद को मजबूत करने के इरादे से बनाई गई मानी जा रही है।

दक्षिण भारत में कांग्रेस ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए भी सधे हुए नेताओं को आगे किया है। वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक, उत्तम कुमार रेड्डी और काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को इन राज्यों में चुनावी निगरानी और संगठनात्मक समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों की कमान सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी के हाथों में सौंपी गई है, जहां कांग्रेस एक बार फिर राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस नेतृत्व का साफ मानना है कि अनुभवी और ज़मीनी समझ रखने वाले नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर संगठन को नीचे तक मजबूत किया जा सकता है। ये पर्यवेक्षक न केवल राज्य इकाइयों के साथ तालमेल बैठाएंगे, बल्कि चुनावी रणनीति, संगठनात्मक गतिविधियों और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया पर भी पैनी नजर रखेंगे। भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी मिलना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी वहां आक्रामक और सुनियोजित रणनीति के साथ उतरने की तैयारी में है।

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