आईपीएल सीजन शुरू होने से ठीक पहले Raipur Police ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। राजधानी रायपुर में एंटी क्राइम और साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने चार ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विदेश से लौटकर IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चलाने की तैयारी कर रहे थे। इस कार्रवाई की सबसे अहम बात यह रही कि पुलिस ने पहली बार मौके से करीब 50 लाख रुपये से अधिक की नगद रकम जब्त की है।
पुलिस को 8 जनवरी को पुख्ता सूचना मिली थी कि थाना गंज क्षेत्र के पाठक हॉस्पिटल रोड, सिंधु भवन पार्किंग के पास एक चारपहिया वाहन में बैठकर कुछ लोग ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने वाहन को चिन्हांकित कर घेराबंदी की। जब वाहन की तलाशी ली गई तो अंदर मौजूद चारों लोग लगातार गोलमोल जवाब देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनके लैपटॉप और मोबाइल की जांच में सच्चाई सामने आ गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी कई अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बैटिंग वेबसाइट्स के मास्टर आईडी के जरिए सट्टा चला रहे थे और युवाओं को कमीशन के आधार पर आईडी उपलब्ध कराकर ट्रेनिंग भी दे रहे थे। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि नेटवर्क का मास्टरमाइंड विक्रम राजकोरी है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर पूरे सिस्टम को ऑपरेट कर रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 लाख 35 हजार रुपये नगद, दो लैपटॉप, दस मोबाइल फोन, करीब 80 लाख रुपये कीमत की हुंडई टक्सन कार, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना गंज में FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य शहरों और विदेशों तक भी जुड़े हो सकते हैं।
रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ Indian Premier League से पहले एक बड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दिखाती है कि साइबर और आर्थिक अपराधों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।