Meta Pixel

“टीबी मुक्त भारत अभियान” के तहत केंद्रीय टीम का व्यापक निरीक्षण

Spread the love

दुर्ग, 09 जनवरी 2026 / राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान की तैयारियों के क्रम में कार्यालय डीडीजी (टीबी), सेंट्रल टीबी डिवीजन के निर्देशानुसार केंद्रीय टीम द्वारा दुर्ग जिले का दौरा किया गया। इस दौरान डीडीजी (टीबी) डॉ. शोबिनी राजन, तथा टीबी ऑफिसर डॉ. भवानी सिंह कुशवाहा सेंट्रल टीबी डिवीजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का भ्रमण किया गया।
केंद्रीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमलेश्वर (विकासखंड पाटन), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन तथा ए.आर.टी. सेंटर दुर्ग का निरीक्षण किया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमलेश्वर में भ्रमण के दौरान सीएचओ एवं मितानिनों के पास उपलब्ध अति जोखिम जनसंख्या की सूची, टीबी ट्रीटमेंट कार्ड तथा एक्स-रे जांच हेतु रिफर रजिस्टर का अवलोकन किया गया। साथ ही उपस्थित मितानिनों से टीबी कार्यक्रम की जानकारी ली गई एवं वहां मौजूद दो टीबी मरीजों का साक्षात्कार कर उन्हें टीबी के प्रति जागरूक किया गया। इसके पश्चात टीम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीट का निरीक्षण किया गया, जहां NAAT सेंटर का अवलोकन करते हुए टीबी नोटिफिकेशन रजिस्टर, लैब रजिस्टर, NAAT टेस्ट रजिस्टर, कल्चर डीएसटी रजिस्टर एवं ट्रीटमेंट कार्ड की जांच की गई। इसके साथ ही एक पल्मोनरी टीबी मरीज का होम विजिट कर उनके द्वारा ली जा रही दवाइयों की जानकारी ली गई तथा उचित परामर्श प्रदान किया गया।
टीम ने ग्राम पंचायत चीचा का भी भ्रमण किया, जहां सरपंच से मुलाकात कर टीबी फ्री ग्राम पंचायत से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में मितानिनों से टीबी कार्यक्रम पर चर्चा की गई तथा पांच टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया गया। यहां वॉलंटियर से मुलाकात कर टीबी कार्यक्रम की आगामी गतिविधियों पर चर्चा की गई। साथ ही हमर लैब के NAAT सेंटर एवं आईसीटीसी सेंटर का निरीक्षण कर संबंधित रजिस्टरों का अवलोकन किया गया। अंत में टीम द्वारा ए.आर.टी. सेंटर दुर्ग का भ्रमण किया गया। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग, जिला क्षय अधिकारी दुर्ग, श्री निशांत मेश्राम (माइक्रोबायोलॉजिस्ट, ईक्यूए), डॉ. मनीष मसीह (डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट), डॉ. सचिन चंद्राकर (माइक्रोबायोलॉजिस्ट, आईआरएल), डॉ. रोचक सक्सेना (डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट) सहित एनटीईपी के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *