दुर्ग, 09 जनवरी 2026/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” योजनांतर्गत संचालित एकीकृत कृषि क्लस्टर (आईएफसी) के तहत ग्राम लिटिया एवं भाटाकोकड़ी में आजीविका सेवा केंद्रों का शुभारंभ किया गया।
आजीविका सेवा केंद्र के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की महिला कृषकों को एक या एक से अधिक आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। इन केंद्रों के माध्यम से मुर्गी पालन हेतु हैचिंग यूनिट, दलहन उत्पादन की प्रोसेसिंग यूनिट तथा सब्जी उत्पादन के लिए उन्नत बीज नर्सरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही पशु सखियों के माध्यम से पशुओं का टीकाकरण, कृषि सखियों द्वारा कृषि संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पवन शर्मा ने इसे शासन की मंशानुरूप आजीविका सेवा केंद्र ग्रामीण महिलाओं एवं समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। यह केंद्र महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ कृषि सेवाओं, कौशल प्रशिक्षण एवं विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होंगे। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को कृषि विभाग द्वारा जैविक दवाइयां निमास्त्र, ब्रह्मास्त्र एवं अग्नास्त्र तैयार करने हेतु ड्रम तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के बीज वितरित किए गए। वहीं उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत सदस्य धमधा, ग्राम पंचायत लिटिया एवं भाटाकोकड़ी के सरपंच, क्लस्टर के पदाधिकारी, स्व-सहायता समूहों के सदस्य, ग्रामवासी, आजीविका मिशन से जुड़े प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।