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इस हफ्ते सोना-चांदी चमके: रिकॉर्ड तेजी के साथ निवेशकों की संपत्ति में बड़ा उछाल

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कीमती धातुओं के बाजार में इस हफ्ते जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सोने और चांदी दोनों के दामों में मजबूत उछाल आया, जिससे निवेशकों का रुझान एक बार फिर इन सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ता दिख रहा है। बीते सप्ताह के मुकाबले सोना 2,340 रुपये महंगा होकर 1,37,122 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले 2 जनवरी को इसका भाव 1,34,782 रुपये था। वहीं चांदी की कीमतों में और भी ज्यादा तेजी रही और यह 8,258 रुपये उछलकर 2,42,808 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई।

पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो कीमती धातुओं में आई तेजी और भी चौंकाने वाली है। साल 2025 के दौरान सोना करीब 75 प्रतिशत महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2024 को जहां 24 कैरेट सोने का भाव 76,162 रुपये प्रति 10 ग्राम था, वहीं 31 दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 1,33,195 रुपये हो गया। चांदी ने तो सोने से भी ज्यादा रफ्तार दिखाई और एक साल में इसके दाम 1,44,403 रुपये यानी करीब 167 प्रतिशत तक बढ़ गए। 2024 के अंत में 86,017 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चांदी, 2025 के आखिरी दिन 2,30,420 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुकी थी।

विशेषज्ञों के अनुसार सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती के बाद डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे सोने की होल्डिंग कॉस्ट घटी और निवेशकों ने खरीदारी बढ़ा दी। इसके साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तनाव के माहौल ने सोने को एक बार फिर सबसे सुरक्षित निवेश के रूप में स्थापित कर दिया है। इसके अलावा चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक के लिए बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।

चांदी की तेजी भी सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। अब यह केवल आभूषणों की धातु नहीं रह गई, बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसे सेक्टर्स में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा अमेरिका में संभावित टैरिफ को लेकर कंपनियां पहले से भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई घट रही है और दाम ऊपर जा रहे हैं। मैन्युफैक्चरर्स भी प्रोडक्शन में रुकावट के डर से आक्रामक खरीदारी कर रहे हैं।

आगे के रुझान को लेकर बाजार में अभी भी तेजी की उम्मीद जताई जा रही है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि चांदी की मांग फिलहाल मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में इसके दाम 2.75 लाख रुपये प्रति किलो तक जा सकते हैं। वहीं सोने की बात करें तो अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो साल के अंत तक इसके दाम 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि निवेश या खरीदारी से पहले सावधानी भी जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड का हॉलमार्क लगा सर्टिफाइड सोना ही खरीदें और खरीद के दिन की कीमत को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन जैसी विश्वसनीय संस्थाओं के रेट से जरूर मिलान करें। बाजार की मौजूदा चाल को देखते हुए साफ है कि सोना और चांदी दोनों ही आने वाले समय में निवेशकों की रणनीति का अहम हिस्सा बने रह सकते हैं।

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