आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में तनाव लगभग हर किसी का हिस्सा बन चुका है। घर की जिम्मेदारियां हों या ऑफिस में घंटों तक काम का दबाव, इसका असर धीरे-धीरे शरीर और मन दोनों पर दिखने लगता है। सिरदर्द, थकावट, नींद की कमी और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं इसी मानसिक बोझ का नतीजा होती हैं। ऐसे में अगर दिनचर्या में योग को शामिल कर लिया जाए, तो तनाव को प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके से काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अनुलोम-विलोम तनाव कम करने का सबसे सरल और प्रभावी प्राणायाम माना जाता है। जब हम गहरी और नियंत्रित सांस लेते हैं, तो दिमाग को यह संकेत मिलता है कि शरीर सुरक्षित है। इससे बेचैनी धीरे-धीरे कम होने लगती है और नाड़ी तंत्र संतुलित होता है। रोज़ सुबह या शाम कुछ मिनट अनुलोम-विलोम करने से चिंता, घबराहट और मानसिक थकान में स्पष्ट राहत महसूस की जा सकती है।
शवासन देखने में भले ही बेहद आसान लगे, लेकिन इसका असर बहुत गहरा होता है। इस आसन में शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़कर केवल सांसों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह दिमाग को शांति देता है और दिनभर की थकान को बाहर निकालने में मदद करता है। तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए शवासन एक ऐसा योगासन है, जो बिना ज्यादा शारीरिक मेहनत के मन और शरीर दोनों को गहरा आराम देता है।
सेतुबंधासन न केवल मानसिक तनाव को कम करता है, बल्कि शरीर में जमा जकड़न को भी धीरे-धीरे खोलता है। इस आसन में रीढ़ की हड्डी और कंधों का हिस्सा सक्रिय होता है, जिससे वहां जमा तनाव निकलने लगता है। जब शरीर हल्का महसूस करता है, तो मन भी अपने आप शांत होने लगता है। सेतुबंधासन से ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और उदासी या थकान का भाव कम होने लगता है।
बालासन उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है, जो लगातार मानसिक दबाव या बेचैनी महसूस करते हैं। आगे की ओर झुकने से दिमाग को सुकून मिलता है और सांसों के साथ तालमेल बनने लगता है। यह आसन खुद से जुड़ने का मौका देता है और मन में चल रही उलझनों को शांत करने में मदद करता है। दिनभर की भागदौड़ के बाद कुछ मिनट बालासन करने से मन को गहरी राहत मिलती है।
पर्वतासन तनाव के कारण आई सुस्ती को दूर करने में सहायक होता है। इस आसन में जब शरीर को ऊपर की ओर फैलाया जाता है, तो मांसपेशियों में खिंचाव आता है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। यह मन को सतर्क बनाता है और नकारात्मक विचारों को कम करने में मदद करता है।
योग तनाव से राहत पाने का एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है। अनुलोम-विलोम, शवासन, सेतुबंधासन, बालासन और पर्वतासन जैसे योगासन न सिर्फ मानसिक दबाव को कम करते हैं, बल्कि जीवन में संतुलन और शांति भी लाते हैं। अगर इन्हें रोज़ाना की दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए, तो कुछ ही समय में मन हल्का महसूस करने लगेगा और तनाव धीरे-धीरे कम होता चला जाएगा।
(अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग या अन्य उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)