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शेयर बाजार में दमदार वापसी: एक बयान ने बदला माहौल, सेंसेक्स डे-लो से 700 अंक उछला, निफ्टी फिर 25,700 के पार

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हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने वह कर दिखाया, जिसकी सुबह किसी को उम्मीद नहीं थी। शुरुआती घंटों में डर और बिकवाली के दबाव में फिसलते बाजार ने दोपहर तक ऐसा पलटा खाया कि निवेशकों की धारणा ही बदल गई। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स करीब 700 अंकों की छलांग लगाकर संभल गया, जबकि निफ्टी भी 25,700 के ऊपर मजबूती से टिकता नजर आया। इस तेज रिकवरी के पीछे एक ही ट्रिगर सबसे अहम रहा—भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आया सकारात्मक बयान।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 715 अंक टूटकर 82,861 के इंट्राडे लो तक फिसल गया था। निफ्टी भी 25,500 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 25,473 तक आ गया, जिससे बाजार में घबराहट साफ दिखी। लेकिन जैसे ही भारत में अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने ट्रेड डील पर बातचीत जारी रहने और अगले दिन अहम चर्चा होने की बात कही, माहौल पलट गया। बयान आते ही खरीदारी लौटी और सूचकांक तेज़ी से ऊपर चढ़ने लगे।

निवेशकों के भरोसे की वापसी इतनी तेज थी कि सेंसेक्स अपने निचले स्तर से 600 अंकों से ज्यादा उछलकर 83,600 के पार पहुंच गया। निफ्टी भी रिकवर होकर करीब 25,720 के आसपास ट्रेड करता दिखा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह रिएक्शन बताता है कि निवेशक फिलहाल सकारात्मक संकेतों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और थोड़ी सी स्पष्टता भी तेजी को जन्म दे सकती है।

रिकवरी की सबसे बड़ी वजह भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बढ़ी उम्मीदें रहीं। राजदूत के बयान से यह संदेश गया कि दोनों देशों के बीच बातचीत ठोस दिशा में आगे बढ़ रही है। साथ ही यह संकेत भी मिला कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump आने वाले एक-दो साल में भारत दौरे पर आ सकते हैं, जिसने सेंटिमेंट को और मजबूत किया। इसके अलावा, पिछले हफ्ते लगातार गिरावट के बाद निचले स्तरों पर वैल्यू बायिंग ने भी बाजार को सहारा दिया।

गौर करने वाली बात यह है कि बीते दिनों बाजार कई दबावों से घिरा रहा—विदेशी निवेशकों की बिकवाली, मुनाफावसूली, अमेरिकी टैरिफ की आशंका और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव। इन सबके बावजूद सोमवार की रिकवरी ने यह साफ कर दिया कि बाजार की बुनियाद कमजोर नहीं है। जैसे ही अनिश्चितता में थोड़ी कमी आती है, निवेशक जोखिम लेने को तैयार दिखते हैं। कुल मिलाकर, यह सत्र बताता है कि सकारात्मक संकेत मिलते ही भारतीय शेयर बाजार तेजी से ट्रेंड बदलने की क्षमता रखता है।

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