मकर संक्रांति के पावन पर्व पर देश में आस्था, परंपरा और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। गुरुवार, 15 जनवरी को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने सरकारी आवास पर गायों को चारा खिलाकर पर्व को श्रद्धा और सादगी के साथ मनाया। सामने आई तस्वीरों में प्रधानमंत्री आवास के लॉन में गौ-सेवा करते नजर आए, जो भारतीय संस्कृति में गौ-माता के विशेष स्थान और सनातन परंपराओं के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। मकर संक्रांति जैसे पर्व पर गौ-सेवा को पुण्यकारी माना जाता है और इसे सकारात्मक ऊर्जा व कल्याण का प्रतीक समझा जाता है।
उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने ब्रह्म मुहूर्त में गोरखपुर स्थित Gorakhnath Temple में महायोगी गुरु गोरखनाथ को पवित्र खिचड़ी अर्पित की। नाथ संप्रदाय से जुड़ी यह परंपरा सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं का हिस्सा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली, जनता के कल्याण और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
मकर संक्रांति के आध्यात्मिक महत्व पर बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पर्व भारत की प्राचीन परंपराओं में विशेष स्थान रखता है। सूर्य देव को ब्रह्मांड की आत्मा बताते हुए उन्होंने कहा कि यह त्योहार शुभ और मंगल कार्यों की शुरुआत का प्रतीक है और इसी के साथ सनातन धर्म में शुभ कार्यों का समय पुनः आरंभ हो जाता है।
पर्व के अवसर पर तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गोरखपुर में लाखों भक्तों ने गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित की, जबकि प्रयागराज में Triveni Sangam पर आस्था की डुबकी लगाने वालों की संख्या लाखों में रही। सूर्य उपासना, दान-पुण्य और स्नान के साथ श्रद्धालुओं ने पर्व को पूरी भक्ति और उल्लास के साथ मनाया।
मकर संक्रांति भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है। दक्षिण भारत में यह पोंगल, असम में बिहू और पंजाब-हरियाणा में माघी के रूप में जानी जाती है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और शीत ऋतु के अंत का संकेत देने वाला यह पर्व पतंग उड़ाने, खिचड़ी बनाने और तिल-गुड़ की मिठाइयों की मिठास के साथ आपसी भाईचारे का संदेश देता है। यह त्योहार बताता है कि अब ठंड का प्रभाव कम होने लगा है और दिन बड़े होने की ओर बढ़ रहे हैं।