दिल्ली में बुधवार देर रात कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ Delhi Police ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की। पुलिस और कुख्यात Lawrence Bishnoi गैंग से जुड़े बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा—जो नाबालिग बताया जा रहा है—मौके से दबोच लिया गया। दोनों पर West Vihar और Vinod Nagar में हुई फायरिंग और रंगदारी की वारदातों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में एक का नाम दीपक बताया जा रहा है। 13 जनवरी की रात पश्चिम विहार स्थित आर.के. फिटनेस जिम पर फायरिंग कर रंगदारी मांगी गई थी, जबकि विनोद नगर में एक प्रॉपर्टी डीलर के घर पर गोलियां चलाकर दो करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई। इन दोनों घटनाओं की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने तफ्तीश तेज की और आरोपियों की तलाश में विशेष टीमें लगा दी गईं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स टीम को सूचना मिली कि दोनों आरोपी हिरणकी मोड़ के आसपास आने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। जैसे ही बदमाशों को रुकने का इशारा किया गया, उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से एक बदमाश घायल हो गया, जबकि दूसरे को घेरकर पकड़ लिया गया।
घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके से पुलिस ने दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की है। पुलिस का कहना है कि दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि गैंग के अन्य सदस्यों, नेटवर्क और फंडिंग चैनल्स का खुलासा किया जा सके।
इस कार्रवाई के जरिए दिल्ली पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सख्ती से अमल होगा। आने वाले दिनों में गैंग से जुड़े अन्य चेहरों तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा।