शिक्षा के मंदिर में दाग: मोबाइल चोरी करते फिर पकड़े गए मास्टर साहब, CCTV ने खोली पोल

Spread the love

छत्तीसगढ़ के मोहला जिले से सामने आई यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि शिक्षक जैसे जिम्मेदार पद की गरिमा को भी शर्मसार करती है। विकासखंड के सांगली प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक राधेश्याम नेताम एक बार फिर मोबाइल चोरी के मामले में फंस गए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि दूसरी बार उनकी चोरी की करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसके बाद मोहला पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

मामला 31 दिसंबर का है, जब आरोपी शिक्षक मोहला स्थित दीप कंप्यूटर दुकान में पैसे ट्रांजेक्शन कराने के बहाने पहुंचे थे। दुकान में मौजूद कर्मचारी को बातचीत में उलझाकर उन्होंने काउंटर पर रखे मोबाइल फोन पर नजर टिकाए रखी। जैसे ही एक अन्य ग्राहक दुकान में आया और कर्मचारी व्यस्त हुआ, शिक्षक ने मौके का फायदा उठाया और पीछे के गेट से मोबाइल चुपचाप उठाकर वहां से निकल गए। उस वक्त किसी को भनक तक नहीं लगी, लेकिन बाद में जब दुकान संचालक ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो पूरी सच्चाई सामने आ गई।

उस समय शिकायत के बावजूद मामला लेन-देन के जरिए दबा दिया गया, लेकिन आदतें इतनी आसानी से नहीं छूटतीं। 14 जनवरी को एक बार फिर राधेश्याम नेताम ने मोहला स्थित बघेल परिवहन सुविधा केंद्र को निशाना बनाया। बताया गया कि शटर खोलकर वहां से मोबाइल फोन चोरी किया गया और यह पूरी घटना भी सीसीटीवी कैमरे में साफ तौर पर रिकॉर्ड हो गई। इस बार संचालक ने बिना देर किए मोहला थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की।

दिलचस्प बात यह है कि 31 दिसंबर की चोरी के मामले में भी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भोजटोला संकुल स्तरीय खेल आयोजन के दौरान आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया था। पूछताछ और सख्ती के बाद उसने चोरी की बात स्वीकार की और मोबाइल लौटा दिया गया। उस वक्त मामले को हल्का मानकर शिक्षक को छोड़ दिया गया, लेकिन अब दोबारा चोरी की घटना ने यह साफ कर दिया है कि यह कोई एक चूक नहीं, बल्कि गंभीर प्रवृत्ति का मामला है।

इधर शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया है। शिक्षा अधिकारी राजेंद्र देवांगन का कहना है कि चोरी के आरोपों को देखते हुए संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। एक शिक्षक से समाज जिस नैतिकता और जिम्मेदारी की उम्मीद करता है, उस पर इस तरह के आरोप न सिर्फ दुखद हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की साख पर भी सवाल खड़े करते हैं। अब देखना यह होगा कि कानून और विभागीय स्तर पर इस मामले में क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *