देश में रोज़ 136 स्टार्टअप: स्टार्टअप डे पर भारत की उड़ान, 2025 में जुड़े 50 हजार नए नाम

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भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम 2025 में एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। बीते साल देश में 50 हजार से ज्यादा नए स्टार्टअप शुरू हुए, यानी औसतन हर दिन 136 नए स्टार्टअप्स ने जन्म लिया। इसके साथ ही देश में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स की कुल संख्या बढ़कर 2.09 लाख हो गई है। महज एक साल पहले, जनवरी 2025 के स्टार्टअप डे के समय यह आंकड़ा 1.59 लाख था। बीते एक दशक में यह सबसे तेज सालाना बढ़ोतरी मानी जा रही है, जिसने भारत को दुनिया के सबसे सक्रिय एंटरप्रेन्योरियल देशों की कतार में मजबूती से खड़ा कर दिया है।

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग Department for Promotion of Industry and Internal Trade की रिपोर्ट बताती है कि भारतीय स्टार्टअप कहानी अब सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रही। करीब 52.6 फीसदी स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों से उभरे हैं, जो यह दिखाता है कि उद्यमिता की लहर अब छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंच चुकी है। खास बात यह भी है कि करीब 50 फीसदी स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक शामिल है, जो बेबी प्रोडक्ट्स से लेकर भारी उद्योग की मशीनें बनाने तक, अलग-अलग सेक्टर्स में नेतृत्व कर रही हैं।

रोजगार के मोर्चे पर भी स्टार्टअप्स ने बड़ी भूमिका निभाई है। बीते दस वर्षों में स्टार्टअप्स ने देशभर में करीब 21 लाख नौकरियां पैदा की हैं। औसतन हर स्टार्टअप ने सीधे तौर पर 10 लोगों को रोजगार दिया है। दिलचस्प यह है कि 2025 में केवल 7 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बने, लेकिन इसके बावजूद स्टार्टअप बंद होने की दर दुनिया में सबसे कम रही।

बीते एक दशक में कुल 6,385 स्टार्टअप्स बंद हुए हैं, जो कुल स्टार्टअप्स का महज 3 फीसदी है। DPIIT के संयुक्त सचिव संजीव के मुताबिक यह आंकड़ा वैश्विक स्तर पर सबसे कम क्लोज़र रेट में से एक है। ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े सख्त कानून लागू होने के बाद कुछ कंपनियों का यूनिकॉर्न दर्जा जरूर खत्म हुआ, लेकिन कुल मिलाकर भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की स्थिरता और मजबूती पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ा।

भारत अब “स्टार्टअप इंडिया” से आगे बढ़कर “एंटरप्रेन्योरियल भारत” की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर एंटरप्रेन्योरशिप को एक जरूरी लाइफ स्किल के रूप में स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाया जाए, तो 2035 तक स्टार्टअप GDP में 15 फीसदी तक का योगदान दे सकते हैं और करीब 5 करोड़ नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। इसके संकेत पहले से दिखने लगे हैं, क्योंकि भारतीय स्टार्टअप्स अब पहले से कम समय में IPO के लिए तैयार हो रहे हैं और फंडिंग के मामले में भारत, अमेरिका और ब्रिटेन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।

स्टार्टअप इंडिया पहल के दस साल पूरे होने पर आज एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री Narendra Modi भी शामिल होंगे। 16 जनवरी 2016 को शुरू हुई इस पहल ने आज भारत को नवाचार, रोजगार और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर तेज़ी से आगे बढ़ा दिया है।

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