शुक्रवार को शेयर बाजार में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयर अचानक रफ्तार पकड़ते नजर आए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और भू-राजनीतिक तनावों के कम होने से निवेशकों का भरोसा लौटा, जिसका सीधा फायदा Hindustan Petroleum Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Indian Oil Corporation को मिला। एचपीसीएल के शेयर करीब 4 प्रतिशत उछलकर 456.50 रुपये तक पहुंच गए, बीपीसीएल में 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दिखी और आईओसी के शेयरों में भी लगभग 2 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल के दामों में गिरावट मानी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर हालात फिलहाल शांत होते दिख रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया संकेतों से यह संदेश गया कि निकट भविष्य में ईरान पर किसी सैन्य कार्रवाई की संभावना कम है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति में बाधा की आशंका घटी और बाजार से प्रीमियम निकल गया, जिसका असर सीधे तेल की कीमतों पर पड़ा।
विश्लेषकों के मुताबिक फिलहाल Brent Crude एक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। अनुमान है कि आने वाले समय में कच्चे तेल के भाव 57 से 67 डॉलर प्रति बैरल के बीच रेंजबाउंड रह सकते हैं। इस तरह का माहौल OMC कंपनियों के लिए अनुकूल माना जाता है, क्योंकि इससे इनपुट कॉस्ट कंट्रोल में रहती है।
कच्चा तेल सस्ता होने का सीधा फायदा तेल विपणन कंपनियों को मिलता है। रिफाइनिंग कॉस्ट घटती है, मार्केटिंग मार्जिन मजबूत होते हैं और अगर पेट्रोल-डीजल के खुदरा दाम स्थिर रहते हैं, तो मुनाफे की स्थिति बेहतर हो जाती है। यही वजह है कि निवेशकों ने एक बार फिर OMC शेयरों में खरीदारी दिखाई और सेक्टर में पॉजिटिव सेंटिमेंट लौटा।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही यानी Q3 में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी के नतीजे बेहतर रह सकते हैं। मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन के चलते इन कंपनियों का EBITDA 9 से 18 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। यही उम्मीदें शेयरों में आई मौजूदा तेजी को भी सपोर्ट कर रही हैं।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि तेल बाजार पूरी तरह स्थिर नहीं है। अगर वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा भू-राजनीतिक जोखिम दोबारा उभरता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल आ सकता है, जिसका असर OMC शेयरों पर पड़ेगा। इसलिए निवेशकों को मौजूदा तेजी में भी सतर्क रहकर फंडामेंटल और टेक्निकल संकेतों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।