बच्चे के दांत निकलना उसके विकास का जरूरी चरण है, लेकिन इस दौरान होने वाला दर्द और बेचैनी बच्चे के साथ-साथ माता-पिता के लिए भी चुनौती बन जाती है। मसूड़ों में सूजन, जलन, ज्यादा रोना, नींद का टूटना—ये सब आम लक्षण हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ सुरक्षित और आसान घरेलू तरीकों से इस तकलीफ को काफी हद तक कम किया जा सकता है, बिना किसी दवा के।
दांत निकलते समय मसूड़ों में ठंडक सबसे जल्दी राहत देती है। साफ कपड़े में बर्फ लपेटकर या ठंडे चम्मच से मसूड़ों पर बहुत हल्के हाथों से मालिश करने पर सूजन और दर्द कम महसूस होता है। ध्यान रहे, बर्फ सीधे मुंह में न दें। इसी तरह, हाथ अच्छी तरह धोकर साफ उंगली से मसूड़ों पर हल्का दबाव देने से भी बच्चे की बेचैनी घटती है और उसे तुरंत सुकून मिलता है।
टीथर का सही इस्तेमाल भी काफी मददगार होता है। BPA-फ्री, सुरक्षित टीथर को कुछ देर फ्रिज में रखकर देने से मसूड़ों को ठंडक मिलती है, खुजली कम होती है और बच्चा शांत रहता है। दांत निकलते समय स्तनपान या बोतल से दूध पिलाना भी फायदेमंद है—चूसने की प्रक्रिया मसूड़ों पर पड़ने वाले दबाव को संतुलित करती है और बच्चे को आराम देती है।
मसूड़ों की साफ-सफाई उतनी ही जरूरी है। गुनगुने पानी में भिगोए साफ कपड़े से मसूड़ों को हल्के हाथ से पोंछने से बैक्टीरिया कम होते हैं और इंफेक्शन का जोखिम घटता है। इसके साथ-साथ बच्चे को गोद में लेना, उससे बातें करना, लोरी सुनाना—ये छोटे-छोटे प्यार भरे कदम बच्चे की बेचैनी को काफी हद तक कम कर देते हैं। कई बार माता-पिता का स्पर्श ही सबसे असरदार इलाज साबित होता है।
अगर दर्द बहुत ज्यादा लगे, बुखार आए या लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है। सामान्य तौर पर, धैर्य, साफ-सफाई और सही घरेलू उपायों से यह दौर आसानी से पार किया जा सकता है।