छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। नेशनल पार्क क्षेत्र के घने जंगलों में चल रही मुठभेड़ में अब तक दो नक्सलियों को मार गिराया गया है। दोनों के शव और हथियार बरामद कर लिए गए हैं, जबकि उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। इलाके में अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग की खबर है और सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन को आगे बढ़ा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस इलाके में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के कुख्यात नक्सली लीडर पापाराव के साथ बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। पापाराव इस पूरे क्षेत्र का इंचार्ज माना जाता है और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। मुठभेड़ स्थल से AK-47 जैसे घातक हथियारों की बरामदगी ने इस इनपुट को और मजबूत किया है कि यह कोई छोटा दस्ता नहीं, बल्कि बड़ा नक्सली मूवमेंट हो सकता है।
यह ऑपरेशन डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड की टीम द्वारा चलाया जा रहा था। शनिवार सुबह जवान नेशनल पार्क इलाके में सर्च ऑपरेशन पर निकले थे, तभी जंगल के भीतर नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हुई, जो खबर लिखे जाने तक जारी थी। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और अन्य नक्सलियों की तलाश तेज कर दी गई है।
बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर साफ किया है कि ऑपरेशन अभी भी चल रहा है, इसलिए मुठभेड़ के सटीक स्थान, ऑपरेशन में शामिल जवानों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारियां फिलहाल साझा नहीं की जा सकतीं। पुलिस का कहना है कि प्राथमिकता जवानों की सुरक्षा और अभियान की सफलता है।
पिछले डेढ़ साल में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षाबलों को लगातार बड़ी कामयाबी मिली है। इस दौरान 23 बड़े नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनमें कई शीर्ष स्तर के कमांडर शामिल बताए जाते हैं। इसके अलावा कई कुख्यात नक्सलियों ने सैकड़ों साथियों के साथ आत्मसमर्पण भी किया है, जिससे संगठन की कमर टूटती नजर आ रही है। अब संगठन के संचालन की जिम्मेदारी गिने-चुने शीर्ष नक्सलियों के हाथ में बची है, जिनकी तलाश में अलग-अलग राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लगी हुई हैं।
बताया जा रहा है कि कुख्यात नक्सली हिड़मा के मारे जाने के बाद से ही पापाराव की तलाश और तेज कर दी गई थी। पापाराव बस्तर के जंगलों और इलाकों की गहरी जानकारी रखता है और कई बार पुलिस की कार्रवाई से बचकर निकल चुका है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यदि पापाराव पकड़ा गया या मुठभेड़ में मारा गया, तो पश्चिम बस्तर डिवीजन में नक्सली नेटवर्क लगभग खत्म हो जाएगा।
फिलहाल नेशनल पार्क क्षेत्र में ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। आने वाले घंटों में इस एनकाउंटर को लेकर और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।