टेस्ला और X के मालिक इलॉन मस्क से जुड़े एक गंभीर विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। मस्क के बच्चों में से एक की मां और लेखिका व पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट एश्ले सेंट क्लेयर ने उनकी एआई कंपनी xAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। सेंट क्लेयर का आरोप है कि xAI के चैटबॉट Grok ने यूजर्स को उनकी अश्लील और आपत्तिजनक डीपफेक तस्वीरें बनाने की अनुमति दी, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा, सामाजिक बदनामी और व्यक्तिगत अपमान का सामना करना पड़ा।
27 वर्षीय एश्ले सेंट क्लेयर ने यह केस गुरुवार को न्यूयॉर्क सिटी की स्टेट सुप्रीम कोर्ट में दायर किया। उनके मुताबिक, Grok की मदद से तैयार की गई एक तस्वीर में उनकी 14 साल की उम्र की पुरानी फोटो को एडिट कर उन्हें बिकिनी पहने दिखाया गया। इसके अलावा कुछ अन्य तस्वीरों में उन्हें एक एडल्ट महिला के रूप में अश्लील पोजिशन में दर्शाया गया, यहां तक कि एक तस्वीर में स्वस्तिक छपी बिकिनी पहनाई गई। सेंट क्लेयर यहूदी हैं, इसलिए उन्होंने इन तस्वीरों को न सिर्फ अपमानजनक बल्कि डराने वाला भी बताया।
इस पूरे मामले में xAI ने पलटवार करते हुए कहा है कि एश्ले सेंट क्लेयर ने कंपनी के यूजर एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। कंपनी का दावा है कि नियमों के अनुसार xAI के खिलाफ किसी भी तरह का मुकदमा केवल टेक्सास के फेडरल कोर्ट में ही दायर किया जा सकता है, न कि न्यूयॉर्क में। इसी आधार पर xAI ने केस को न्यूयॉर्क स्टेट कोर्ट से हटवाकर मैनहट्टन के फेडरल कोर्ट में ट्रांसफर करा लिया।
इतना ही नहीं, इसी दिन xAI ने टेक्सास के फेडरल कोर्ट में एश्ले सेंट क्लेयर के खिलाफ काउंटर केस भी दर्ज कर दिया। इस दावे में कंपनी ने हर्जाने की मांग की है और कहा है कि सेंट क्लेयर की कार्रवाई से कंपनी को नुकसान पहुंचा है। यह विवाद अब सिर्फ आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों पक्षों के बीच सीधी कानूनी लड़ाई में बदल चुका है।
एश्ले सेंट क्लेयर ने X और xAI दोनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जैसे ही उन्हें इन डीपफेक तस्वीरों की जानकारी मिली, उन्होंने पिछले साल ही X से शिकायत की और फोटो हटाने की मांग की थी। शुरुआती जवाब में प्लेटफॉर्म ने कहा कि ये तस्वीरें उसकी पॉलिसी का उल्लंघन नहीं करतीं। बाद में X ने भरोसा दिलाया कि उनकी सहमति के बिना उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल या एडिटिंग नहीं की जाएगी, लेकिन सेंट क्लेयर का दावा है कि इसके उलट उनके खिलाफ जवाबी कार्रवाई की गई।
उनके अनुसार, उनका प्रीमियम X सब्सक्रिप्शन और वेरिफिकेशन चेकमार्क हटा दिया गया, उनके अकाउंट से कमाई बंद कर दी गई, जबकि उनके करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं। दूसरी ओर, उनकी अपमानजनक और नकली तस्वीरों को प्लेटफॉर्म पर बने रहने दिया गया। सेंट क्लेयर का कहना है कि यह सब उनके साथ किए गए अन्याय और प्रतिशोध का हिस्सा है।
यह मामला एआई, डीपफेक तकनीक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे रहा है। सवाल सिर्फ एक व्यक्ति की निजता का नहीं है, बल्कि यह भी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सीमाएं क्या होनी चाहिए और ऐसे टूल्स के दुरुपयोग की जवाबदेही किसकी होगी।