नमो भारत ट्रेन नेटवर्क को लेकर एनसीआर में एक बड़ा फैसला लिया गया है। गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दूसरी ओर गुरुग्राम–फरीदाबाद रूट से आने वाली नमो भारत ट्रेन लाइनों को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में एक साझा जंक्शन पर जोड़ा जाएगा। यह निर्णय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की संयुक्त बैठक में लिया गया है। इस जंक्शन के बन जाने से एनसीआर के प्रमुख शहर सीधे एक-दूसरे से तेज रैपिड रेल कनेक्टिविटी के जरिए जुड़ जाएंगे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक नमो भारत और मेट्रो के साझा कॉरिडोर की डीपीआर पहले ही तैयार की जा चुकी है। यह रूट गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा होते हुए एयरपोर्ट तक जाएगा। पहले इस लाइन को दिल्ली के सराय काले खां से जोड़ने पर विचार किया गया था, लेकिन अब इसे गाजियाबाद से ही एयरपोर्ट तक चलाने पर अंतिम सहमति बनी है। कुल 72.4 किलोमीटर लंबे इस रूट में से लगभग 71.3 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा, जबकि 1.1 किलोमीटर ट्रैक अंडरग्राउंड रहेगा।
इस पूरे कॉरिडोर पर कुल 22 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें 11 स्टेशन नमो भारत ट्रेन के होंगे और 11 स्टेशन मेट्रो सेवाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। रूट को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा। पहला हिस्सा सिद्धार्थ विहार से 4 मूर्ति चौक होते हुए इकोटेक-6 तक जाएगा, जबकि दूसरा हिस्सा इकोटेक-6 से यमुना सिटी के सेक्टर-17, 18 और 21 (फिल्म सिटी) होते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगा।
सूरजपुर को इस परियोजना में एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां गाजियाबाद, गुरुग्राम–फरीदाबाद और नोएडा एयरपोर्ट की नमो भारत लाइनें आपस में मिलेंगी, जिससे यात्रियों को बिना लंबा चक्कर लगाए अलग-अलग दिशाओं में सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि सूरजपुर जंक्शन बनने के बाद यह इलाका एनसीआर का एक अहम ट्रांजिट पॉइंट बन जाएगा।
परियोजना से जुड़ी बैठकें पिछले साल भी होती रही हैं। नवंबर 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार की सैद्धांतिक सहमति के बाद डीपीआर को मंत्रालय भेजा गया था। इसके बाद दिसंबर 2025 में दिल्ली में अर्बन ट्रांसपोर्ट से जुड़ी एक अहम बैठक हुई, जिसमें मंत्रालय, एनसीआरटीसी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अधिकारी शामिल हुए थे। उसी दौरान गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए ग्रेटर नोएडा तक करीब 60 किलोमीटर लंबे नमो भारत ट्रैक के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिसका अंत सूरजपुर में तय किया गया।
इस पूरी परियोजना पर अनुमानित खर्च करीब 20,360 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इसमें नमो भारत ट्रेन के साथ-साथ मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है। खास बात यह है कि सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 तक एक्वा मेट्रो लाइन का करीब 10 किलोमीटर का ट्रैक भी इसी कॉरिडोर के इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करेगा, जिससे अलग से नया ट्रैक बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अवार्ड फाइनल होने के बाद निर्माण कार्य को लगभग 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य की योजना के तहत दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ने वाला नमो भारत नेटवर्क एक तरह से रिंग कॉरिडोर का रूप ले सकता है, जिससे पूरे एनसीआर में हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी का जाल बिछ जाएगा।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, नमो भारत ट्रेन गाजियाबाद से सीधे नोएडा एयरपोर्ट तक चलेगी, जबकि गुरुग्राम–फरीदाबाद होकर आने वाली लाइन को भी सूरजपुर में इसी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। उनका कहना है कि यह परियोजना एनसीआर की ट्रैफिक समस्या को कम करने के साथ-साथ रीजनल कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने वाली साबित होगी।