देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल आधार पर 11.5% की बढ़त के साथ 18,654 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 16,736 करोड़ रुपये था। कोर कमाई में सुधार, डिपॉजिट्स में अच्छी ग्रोथ और एसेट क्वालिटी के स्थिर रहने से नतीजों को मजबूती मिली, हालांकि मार्जिन पर हल्का दबाव बना रहा।
तिमाही के दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम यानी कोर इनकम 6.4% बढ़कर 32,620 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 30,650 करोड़ रुपये थी। नेट इंटरेस्ट मार्जिन कुल एसेट्स के आधार पर 3.35% और इंटरेस्ट-अर्निंग एसेट्स पर 3.51% रहा। बैंक ने संकेत दिया कि मौजूदा ब्याज दर माहौल में मार्जिन पर दबाव जरूर है, लेकिन क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ की रफ्तार बनी हुई है।
नतीजों से पहले शेयर बाजार में भी बैंक को लेकर भरोसा दिखा। रिजल्ट से पहले एचडीएफसी बैंक का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 0.55% की तेजी के साथ 930.55 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में बैंक के शेयर ने करीब 13.7% का रिटर्न दिया है, जो इसी अवधि में निफ्टी 50 के रिटर्न से बेहतर रहा है।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी बैंक की स्थिति मजबूत रही। 31 दिसंबर 2025 तक ग्रॉस एनपीए घटकर 35,179 करोड़ रुपये पर आ गया, जो एक साल पहले 36,019 करोड़ रुपये था। ग्रॉस एनपीए रेशियो 1.42% से घटकर 1.24% रह गया। नेट एनपीए भी 11,982 करोड़ रुपये पर रहा और नेट एनपीए रेशियो 0.46% से सुधरकर 0.42% पर आ गया, जो बैंक के लोन बुक की सेहत को दर्शाता है।
तिमाही में ऑपरेटिंग खर्च 18,770 करोड़ रुपये रहा। अगर नए लेबर कोड के तहत कर्मचारी लाभ से जुड़े अनुमानित 800 करोड़ रुपये के असर को अलग कर दिया जाए, तो ऑपरेटिंग कॉस्ट 17,970 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 17,110 करोड़ रुपये थी। इस आधार पर बैंक का कोर कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 39.2% पर रहा, जो नियंत्रण में माना जा रहा है।
प्रोविजन्स और कंटिन्जेंसीज 2,840 करोड़ रुपये रही, जो साल-दर-साल आधार पर 10% से ज्यादा कम है। इसमें 1,040 करोड़ रुपये की कंटिन्जेंट प्रोविजन रिलीज का योगदान रहा, जो एक बड़े उधारकर्ता समूह से जुड़ी शर्तें पूरी होने के बाद संभव हुआ। अगर इस रिलीज को हटाकर देखा जाए, तो दिसंबर तिमाही में कुल क्रेडिट कॉस्ट रेशियो 0.55% रहा।
कुल मिलाकर, एचडीएफसी बैंक ने तीसरी तिमाही में संतुलित ग्रोथ, मजबूत एसेट क्वालिटी और स्थिर कमाई के दम पर एक और भरोसेमंद प्रदर्शन किया है। बाजार की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आने वाली तिमाहियों में बैंक मार्जिन दबाव के बीच ग्रोथ की यह रफ्तार कैसे बनाए रखता है।