रायपुर। धान खरीदी अब अंतिम दौर में है। अब तक 20 लाख से अधिक किसानों से धान की खरीदी हो चुकी है। शेष दिनों के लिए समितियों में धान खरीदी के लिए टोकन भी जारी कर दिए गए हैं, इसके बावजूद जिन किसानों के पास धान बचा है, उन्हें टोकन जारी करने अब समितियों में आवेदन देना होगा। आवेदन का सत्यापन करने के लिए पटवारी और तहसीलदार भौतिक सत्यापन करने के बाद टोकन जारी करेंगे।
बताया जाता है कि, 10 जनवरी तक किसानों को 31 जनवरी तक के लिए टोकन जारी किए गए थे। अब तुंहर टोकन एप के जरिए टोकन जारी नहीं किया जा रहा है। समितियों के प्रबंधक से मिली जानकारी के अनुसार समितियों से धान खरीदी को लेकर शासन नए नियम के तहत टोकन जारी कर रहा है। अधिकतर किसानों को जारी टोकन के बाद भी उनके पास धान शेष होने या आधा बिके होने पर बिक्री के लिए टोकन की मांग की जा रही है। ऐसे मामलों में पटवारी द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद ही जारी किया जा रहा है।
परिवहन बंद, धान का बफर स्टॉक
समितियों से धान का उठाव करने के लिए बनाए गए डिलीवरी एप को बंद कर दिया गया है। समितियों में धान रखने की जगह नहीं बची है। ऐसे में समिति प्रबंधक परेशान हैं। डीएमओ द्वारा डीओ और आरओ नहीं काटे जाने के कारण धान का उठाव नहीं हो रहा है। प्रदेश के 2739 समितियों में से लगभग 1700 समितियों में बफर स्टॉक से अधिक धान रखा हुआ है। अधिक धान की वजह से बेमेतरा, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, कवर्धा और अन्य जिलों में धान की खरीदी लिमिट से कम की जा रही है। कलेक्टर से समिति प्रबंधक उठाव कराने लगातार मांग कर रहे हैं, पर अब तक ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
31 को जारी टोकन से अब 29 को खरीदी
सूत्रों के अनुसार, किसानों को धान बेचने के लिए 31 जनवरी को टोकन जारी किया गया था। उनका धान अब दो दिन पूर्व 29 जनवरी को खरीदने के लिए समितियों ने सूचना जारी की है। बताया जाता है कि खरीदी के अंतिम दिन शनिवार होने के कारण खरीदी बाधित होने की संभावना है। ऐसे में वे किसान वंचित न हों, इसे देखते हुए दो दिन पूर्व ही उनका धान लिया जा रहा है। उन सभी किसानों को समिति प्रबंधकों ने दो दिन पूर्व ही धान लाने के लिए लिखा है।