दुर्ग SSP ने ली पुलिस अधिकारियों की क्लास:ट्रेनिंग में बताया बिना गलती के दस्तावेज-सबूत तैयार करने का तरीका, ओवरराइटिंग से बचने सलाह

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दुर्ग जिले में शनिवार (17 जनवरी) को एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों की क्लास ली। SSP विजय अग्रवाल ने क्लास में क्राइम से जुड़े मामलों में जरुरी टिप्स दिए। उन्होंने ट्रेनिंग में घटनास्थल पर ही बिना गलती के दस्तावेज और सबूत तैयार करने का तरीका बताया। इसके साथ ही ओवरराइटिंग से बचने की सलाह दी।

यह ट्रेनिंग कार्यक्रम पुरानी पुलिस लाइन स्थित प्रशासनिक भवन में हुआ। SSP ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में कानूनी प्रावधानों का अक्षरशः पालन करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में छोटी-सी गलती भी पूरे प्रकरण को कमजोर कर सकती है, इसलिए विवेचकों को शुरू से अंत तक बहुत सावधानीपूर्वक कार्रवाई करनी चाहिए।

ओवरराइटिंग से बचे विवेचक

एसएसपी अग्रवाल ने नशीली टेबलेट व कैप्सूल के मामलों में की जाने वाली कार्यवाही, धारा 50 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत व्यक्तिगत तलाशी की विधि, घटनास्थल पर स्पष्ट एवं त्रुटिरहित दस्तावेज तैयार करने तथा ओवरराइटिंग से बचने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने सेंपलिंग कार्यवाही के बाद जप्तशुदा दवाइयों या मादक पदार्थों को तत्काल परीक्षण के लिए एफएसएल भेजने, संपत्ति पत्रक में सही तरीके से सील लगाने तथा साक्ष्य की शुचिता बनाए रखने के निर्देश दिए।

धारा की भी दी गई जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान धारा 42 (मुखबिर सूचना एवं पंचनामा), धारा 50, 52-ए की विवेचना प्रक्रिया, धारा 55 के तहत जप्त माल को सुरक्षित रखने से लेकर एफएसएल भेजने तक की चेन ऑफ कस्टडी, तथा धारा 57 के अंतर्गत संपूर्ण कार्यवाही की सूचना देने की प्रक्रिया को भी समझाया गया।

साथ ही, एक से अधिक आरोपियों के मामलों में धारा 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत साजिश संबंधी कार्यवाही करने पर बल दिया गया।

चालानी कार्रवाई करने पर दिया जोर

इसके अलावा आगजनी की घटनाओं में दुर्घटनाग्रस्त संपत्ति का स्पष्ट विवरण, मर्ग जांच में परिस्थितिजन्य कारणों का उल्लेख, आदतन अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही तथा अधिक से अधिक चालानी कार्यवाही किए जाने के संबंध में भी दिशा-निर्देश दिए गए।

एसएसपी ने कहा कि विवेचना का अंतिम उद्देश्य आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाना होना चाहिए। कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) दुर्ग चंद्र प्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा सहित लगभग 75 पुलिस अधिकारी एवं विवेचक उपस्थित रहे।

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