रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी 3’ थिएटर्स में 30 जनवरी 2026 को रिलीज होगी। जब भी रानी मुखर्जी की कोई फिल्म रिलीज होने वाली होती है तो अपने पिता को याद कर वह भावुक हो जाती हैं। दैनिक भास्कर के बातचीत के दौरान अपने पिता राम मुखर्जी को याद कर उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। रानी कहती है कि कब भी कोई फिल्म रिलीज होने वाली होती है तो पिता की बहुत याद आती है। उन्हें इस बाद का बहुत ही मलाल है कि उनके पिता ‘मर्दानी 3’ नहीं देख पाएंगे।
नेशनल अवॉर्ड अपने पिता को समर्पित किया
30 साल के फिल्मी करियर में रानी मुखर्जी को पहली बार फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवॉर्ड मिला था। इस अवॉर्ड को उन्होंने अपने दिवंगत पिता राम मुखर्जी को समर्पित किया था।
रानी मुखर्जी कहती हैं- जीवन में जब भी ऐसा कोई पल आता है तो डैडी की बहुत याद आती है। पापा के जाने के बाद तो एक बड़ा धक्का तो लगा ही था। नेशनल अवॉर्ड ही नहीं, हर अच्छे-बुरे पल में पापा की याद आती है। जन्मदिन हो या कोई खुशी का मौका, हर बार पापा याद आते।
जब उदास हूं, परेशान हूं या मुश्किल वक्त चल रहा हो, तब भी पापा याद आते। क्योंकि पिता हमेशा एक सहारा होते हैं बच्चे के लिए। पापा कुछ भी कह दें, तो हिम्मत मिल जाती। मेरा पापा के साथ बहुत खास रिश्ता था। पापा के जाने के बाद सब मुश्किल हो गया। वो तो रोज याद आते हैं।
पिता ने फिल्म ‘साथिया’ 26 बार देखी थी
“पापा के साथ तो सब कुछ खूबसूरत था। हर चीज में पापा याद आते हैं। ‘साथिया’ तो उन्होंने 26 बार देखी थी। मेरी बेटी के जन्म के बाद भी, इतनी बीमारी होने पर भी अस्पताल आते थे मेरा हालचाल लेने।
मेरे सबसे बड़े चैंपियन थे पापा। आज भी हर फिल्म के लिए थोड़ा प्राउड फील होता है, सोचती हूं कि पापा को दिखा पाती। ‘मर्दानी’ तो बिल्कुल नहीं देख पाए। हर फिल्म में पापा याद आते हैं। वो हमेशा कहते थे-‘चीयर लीडर’!”
बिना बड़े स्टार्स के सपोर्ट के बॉक्स ऑफिस की रानी बनीं
2014 में रिलीज हुई ‘मर्दानी’ ने रानी को एक्शन हीरोइन के रूप में स्थापित किया। पुलिस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाकर उन्होंने रोमांटिक भूमिकाओं से हटकर मजबूत महिला इमेज बनाई। 2019 में रिलीज हुई मर्दानी 2 ने रानी को मर्दानी फ्रैंचाइजी की प्रमुख अभिनेत्री बना दिया। पुलिस अधीक्षक शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाकर उन्होंने ग्लैमरस भूमिकाओं से पूरी तरह सशक्त महिला इमेज बना ली। 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए रानी को पहली बार नेशनल अवॉर्ड मिला।
इन फिल्मों से रानी मुखर्जी ने साबित कर दिया कि बिना किसी बड़े स्टार्स के साथ के भी वह बॉक्स ऑफिस की रानी बनने की जज्बा रखती हैं। लेकिन रानी के पिता उनकी इस कामयाबी को नहीं देख पाए। 22 अक्टूबर 2017 को सुबह 4 बजे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद उनके पिता का निधन हो गया था।