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सेप्टिक टैंक के गड्ढे में गिरने से बच्ची की मौत:रायपुर में मकान मालिक ने खुदवाया था गड्ढा, 2025 में 3 बच्चों की गई जान

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रायपुर में बाथरूम में खोदे गए सेप्टिक टैंक के गड्ढे में गिरकर 5 साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। बच्ची को गड्ढे से बाहर निकाला। निजी अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। मामला मोवा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक मृत बच्ची का नाम रिया महिलांग है। महासमुंद जिले के पटेवा गांव की रहने वाली थी। अपनी मौसी की गोदभराई कार्यक्रम में अपने पिता एलन और मां धनेश्वरी महिलांग के साथ रायपुर आई थी। टॉयलेट गई थी, तभी हादसे का शिकार हो गई।

जानकारी के मुताबिक मकान मालिक जीवनलाल कुर्रे ने टॉयलेट का गंदा पानी निकलवाने के लिए बाथरूम में एक गड्ढा करवाया था। इसके बाद उन्होंने उस गड्ढे को एक बोरी से ढंककर छोड़ दिया था।

अब सिलसिलेवार पढ़िए हादसे की पूरी कहानी

दरअसल, शनिवार दोपहर 1 बजे बच्ची टॉयलेट गई थी। इस दौरान उसकी नानी भी वहां मौजूद थी, लेकिन नानी बाथरूम के बाहर पानी लाने गई। बच्ची टॉयलेट से उठकर बाथरूम में आ गई। यहां सेप्टिक टैंक में गड्ढा था। बच्ची का पैर बोरी में फंस गया। वह सीधे सेप्टिक टैंक के गड्ढे में गिर गई।

इस दौरान बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सेप्टिक टैंक से बच्ची को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। बच्ची को फौरन नजदीकी निजी अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टर्स ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।

2 गड्ढे किए गए थे, लेकिन बोरी से ढककर छोड़ दिया था

पुलिस के मुताबिक किराएदारों के कहने पर 4 दिन पहले मकान मालिक जीवनलाल कुर्रे ने टॉयलेट का गंदा पानी निकलवाने के लिए बाथरूम में एक गड्ढा करवाया था। इसके बाद उन्होंने उस गड्ढे को एक बोरी से ढंककर छोड़ दिया था। बाथरूम में कोई दरवाजा भी नहीं था, जिससे वह खुला रहता था।

गड्ढे को जिस बोरी से ढंका गया था, उसी बोरी में बच्ची का पैर फंस गया था। इसी वजह से बच्ची गड्ढे में गिर गई। 

2025 में दो घटनाओं में 3 बच्चों की मौत

पिछले साल 2025 में इस तरह की दो घटनाओं में तीन बच्चों की मौत हुई थी। पहली घटना 11 नवंबर 2025 को हुई थी। जिसमें रायपुर के सरकारी स्कूल के पास 2 बच्चे खेलते-खेलते सड़क किनारे बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। दोनों बच्चे मौसेरे भाई थे। गड्ढे की गहराई ज्यादा होने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए। डूबने से उनकी मौत हो गई।

मृतकों में सत्यम (8 साल) और आलोक (7 साल) शामिल थे। ये दोनों बच्चे अपनी मौसी के बेटे के जन्मदिन के मौके पर यहां आए थे। यह गड्ढा फॉर्च्यून डेवलपर्स (बिल्डर) द्वारा खुदवाया गया था, लेकिन उसे भरा नहीं गया था।

एक बच्चे की मौत, 2 को बचाया गया

वहीं, दूसरी घटना 13 अप्रैल 2025 की है। यह हादसा रायपुर के ईडब्ल्यूएस कॉलोनी गुलमोहर पार्क, रामनगर में हुआ था। निगम की ओर से खोदे गए गड्ढे में 3 बच्चे गिर गए थे। इसमें से एक बच्चे की जान चली गई, जबकि स्थानीय लोगों की मदद से 2 बच्चों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।

रायपुर में हुआ था ऐसा ही हादसा

गुलमोहर पार्क वाली घटना से एक दिन पहले यानि 12 अप्रैल 2025 को भी ऐसा ही हादसा हुआ था। शनिवार की रात छत्तीसगढ़ नगर स्थित शीतला मंदिर के पास 3 साल का बच्चा खुले गड्ढे में गिर गया था। गनीमत रही कि सड़क से गुजर रहे एक बाइक सवार ने बच्चे को डूबता देख लिया।

इस दौरान समय रहते बाइक सवार ने गड्ढे में कूदकर उसे बचा लिया। शीतला मंदिर के पास हुए हादसे में भी गड्ढा निगम की ओर से खोदा गया था। यहां गंदे पानी की शिकायत के बाद गड्ढा खोदा गया लेकिन उसे खुला ही छोड़ दिया गया था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

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