भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और सांसद मनोज तिवारी के घर में हुई चोरी की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। दो साल के भीतर उनके घर में अलग-अलग समय पर हुई चोरी की घटनाओं के पीछे कोई बाहरी नहीं, बल्कि घर का ही पुराना नौकर निकला। पुलिस ने गुरुवार 15 जनवरी को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने डुप्लीकेट चाबियों के सहारे कुल 5.40 लाख रुपये की नकदी पर हाथ साफ किया था।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मनोज तिवारी का मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित शास्त्री नगर के सुंदरबन अपार्टमेंट में फ्लैट है। इसी फ्लैट से चोरी की वारदातें सामने आई थीं। अभिनेता के मैनेजर प्रमोद जोगेंद्र पांडे ने अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि जून 2025 में पहली बार मनोज तिवारी के घर से करीब 4.40 लाख रुपये चोरी हुए थे, लेकिन तब कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया। इसके बाद दिसंबर 2025 में सतर्कता बरतते हुए घर में गुपचुप तरीके से सीसीटीवी कैमरा लगाया गया। 15 जनवरी की रात जब कैमरे में अचानक मूवमेंट डिटेक्ट हुआ, तो फुटेज खंगालने पर हैरान करने वाला सच सामने आया। उसी रात घर से एक लाख रुपये और चोरी किए गए थे।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में साफ दिखा कि चोरी करने वाला शख्स सुरेंद्र कुमार था, जो मनोज तिवारी के घर में करीब दो साल पहले नौकर के तौर पर काम कर चुका था। नौकरी के दौरान उसने घर की डुप्लीकेट चाबियां बना ली थीं। पहले इसी तरीके से उसने घर में एंट्री ली और बेडरूम तक पहुंच गया। जब इसकी जानकारी सामने आई तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया, लेकिन इसके बाद भी वह दूसरी डुप्लीकेट चाबियों के जरिए चोरी करता रहा। जून और दिसंबर 2025 की घटनाओं में उसने कुल 5.40 लाख रुपये चुरा लिए थे।
सीसीटीवी फुटेज के पुख्ता सबूत के आधार पर अंबोली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी जांच की जा रही है और चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।