गोल्ड बॉन्ड निवेशकों के लिए बड़ी राहत: आज खुला प्रीमैच्योर एग्जिट का मौका, 5 साल में पैसा पहुंचा करीब तीन गुना

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अगर आपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज़ X में निवेश किया था, तो आज का दिन आपके लिए फायदे का साबित हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस ट्रॉन्च के लिए समय से पहले रिडेम्प्शन की सुविधा दे दी है। चूंकि यह बॉन्ड अपने पांच साल पूरे कर चुका है, इसलिए 19 जनवरी 2026 को निवेशकों को प्रीमैच्योर एग्जिट का अवसर मिला है।

सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के पांच साल बाद, ब्याज भुगतान की तारीख पर निवेशक समय से पहले बॉन्ड को रिडीम कर सकते हैं। उसी नियम के तहत आज यह विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे निवेशकों को सीधे कैश आउट का मौका मिला है।

इस ट्रॉन्च के लिए आरबीआई ने रिडेम्प्शन प्राइस 14,130 रुपये प्रति यूनिट तय किया है। जबकि जनवरी 2021 में जब यह बॉन्ड जारी हुआ था, उस समय इसकी कीमत करीब 5,117 रुपये प्रति यूनिट थी। यानी सिर्फ गोल्ड के दाम बढ़ने से ही निवेश की वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है।

दरअसल, SGB का रिडेम्प्शन प्राइस 999 शुद्धता वाले सोने की कीमत पर आधारित होता है। इसके लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी पिछले तीन कारोबारी दिनों की क्लोजिंग कीमत का औसत लिया जाता है। इस बार 13, 14 और 16 जनवरी 2026 की कीमतों को आधार बनाया गया है। रिडेम्प्शन की पूरी रकम सीधे निवेशक के रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी।

निवेशकों के लिए यह सौदा बेहद फायदेमंद रहा है। पांच साल में प्रति यूनिट करीब 9,000 रुपये का सीधा मुनाफा मिला है, जो लगभग 175 फीसदी का रिटर्न बनता है। यानी गोल्ड बॉन्ड की वैल्यू करीब तीन गुना तक पहुंच चुकी है। इसके साथ ही निवेशकों को हर साल 2.5 फीसदी का तय ब्याज भी मिला, जो हर छह महीने में खाते में जमा होता रहा।

अगर किसी निवेशक ने उस समय 50,000 रुपये का निवेश किया था, तो आज प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन पर उसे लगभग 1.38 लाख रुपये मिल सकते हैं, वो भी ब्याज से अलग। यही वजह है कि SGB को लंबे समय के लिए एक सुरक्षित और फायदेमंद निवेश विकल्प माना जाता है।

गौरतलब है कि सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की शुरुआत नवंबर 2015 में की थी। इसका मकसद फिजिकल गोल्ड की खरीद को कम करना, गोल्ड आयात पर निर्भरता घटाना और लोगों की बचत को फाइनेंशियल सिस्टम से जोड़ना था। इस स्कीम में निवेशकों को सोने की कीमत बढ़ने का पूरा फायदा मिलता है, साथ ही तय ब्याज भी मिलता है।

टैक्स के लिहाज से भी यह स्कीम निवेशकों के लिए आकर्षक है। गोल्ड बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है, लेकिन रिडेम्प्शन के समय मिलने वाला कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स फ्री रहता है। वहीं अगर निवेशक बॉन्ड को एक्सचेंज पर बेचते हैं, तो उन्हें इंडेक्सेशन का लाभ भी मिलता है।

कुल मिलाकर, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज़ X में निवेश करने वालों के लिए यह प्रीमैच्योर एग्जिट एक सुनहरा मौका साबित हुआ है, जहां सुरक्षित निवेश के साथ शानदार रिटर्न भी मिला है।

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