अंगूर खट्टे निकलने से हैं परेशान? इन आसान ट्रिक्स से करें खरीदारी, हर बार मिलेंगे मीठे और रसीले दाने

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बाजार से अंगूर खरीदते समय हर किसी की यही चाहत होती है कि दाने मीठे, रसीले और ताजे हों, लेकिन कई बार घर पहुंचते ही स्वाद सारी उम्मीदों पर पानी फेर देता है। खासतौर पर बच्चों या बुजुर्गों के लिए लाए गए अंगूर अगर खट्टे निकल जाएं, तो उन्हें खाना भी मुश्किल हो जाता है। दरअसल, अंगूर की मिठास सिर्फ किस्म पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उन्हें पहचानने और सही तरीके से खरीदने की समझ पर भी काफी हद तक टिकी होती है। अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो हर बार बाजार से बेहतरीन और मीठे अंगूर खरीदे जा सकते हैं।

अंगूर खरीदते समय सबसे पहले उनके रंग पर नजर डालना बेहद जरूरी होता है। हरे अंगूर अगर हल्के पीले या सुनहरे रंग के दिखाई दें, तो आमतौर पर वे ज्यादा मीठे और पक चुके होते हैं। बहुत ज्यादा हरे या फीके रंग वाले अंगूर अक्सर कच्चे होते हैं और खट्टे निकल सकते हैं। वहीं काले अंगूरों के मामले में गहरा बैंगनी या काला रंग उनकी मिठास का संकेत माना जाता है, जबकि हल्के रंग वाले काले अंगूर स्वाद में फीके हो सकते हैं।

अंगूर की ताजगी और स्वाद का अंदाजा उनके डंठल से भी लगाया जा सकता है। अगर डंठल हरा, मजबूत और लचीला हो, तो समझिए अंगूर ताजे हैं। इसके उलट अगर डंठल सूखा, भूरा या टूटने वाला दिखे, तो ऐसे अंगूर पुराने हो सकते हैं और उनका स्वाद खट्टा या बेस्वाद निकलने की संभावना ज्यादा रहती है।

अक्सर लोग अंगूर के ऊपर दिखने वाली सफेद पाउडर जैसी परत देखकर उन्हें खराब समझ लेते हैं, जबकि यह परत असल में प्राकृतिक वैक्स होती है। यह वैक्स अंगूर को खराब होने से बचाती है और उनकी ताजगी व मिठास का संकेत भी मानी जाती है। ऐसे अंगूर आमतौर पर ज्यादा समय तक फ्रेश रहते हैं।

मीठे अंगूर के दाने हमेशा भरे हुए, कसे हुए और हल्के दबाव में भी मजबूत महसूस होते हैं। अगर दाने सिकुड़े हुए, नरम या ढीले हों, तो यह इस बात का इशारा हो सकता है कि अंगूर या तो पुराने हैं या सही तरह से पके नहीं हैं। ऐसे अंगूर अक्सर खट्टे निकल जाते हैं।

खुशबू भी अंगूर पहचानने का एक आसान तरीका है। ताजे और मीठे अंगूरों में हल्की-सी प्राकृतिक मिठास वाली खुशबू आती है। अगर अंगूर से खट्टी, अजीब या सड़ी-सी गंध आए, तो उन्हें खरीदने से बचना ही बेहतर होता है।

इसके साथ ही मौसम और जगह का ध्यान रखना भी जरूरी है। अंगूर का सही सीजन आमतौर पर सर्दियों का माना जाता है। सीजन के बाहर मिलने वाले अंगूर कई बार कम मीठे या खट्टे हो सकते हैं। स्थानीय और ताजे अंगूर आमतौर पर ज्यादा स्वादिष्ट और सुरक्षित विकल्प होते हैं।

अगर दुकानदार टेस्ट करने का मौका दे, तो एक-दो दाने चखकर जरूर देखें। यह मीठे अंगूर पहचानने का सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका है। थोड़ी सी समझदारी और सही ट्रिक्स अपनाकर आप हर बार बाजार से मीठे, रसीले और स्वाद से भरपूर अंगूर खरीद सकते हैं।

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