भारतीय बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। Reserve Bank of India ने HDFC Bank के बोर्ड में कैजाद भरूचा को पूर्णकालिक निदेशक के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ बैंक के शीर्ष प्रबंधन में निरंतरता और स्थिरता का संकेत मिलता है, जिसे निवेशक और बाजार दोनों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
एचडीएफसी बैंक ने मंगलवार को एक नियामकीय फाइलिंग के जरिए जानकारी दी कि आरबीआई ने 20 जनवरी 2026 के अपने आधिकारिक संचार में कैजाद भरूचा की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की है। इस मंजूरी के तहत कैजाद भरूचा को बैंक के पूर्णकालिक निदेशक यानी उप प्रबंध निदेशक के पद पर 19 अप्रैल 2026 से प्रभावी तीन वर्षों की अवधि के लिए पुनः नियुक्त किया गया है। बैंक के मुताबिक यह नियुक्ति नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुरूप की गई है।
कैजाद भरूचा की दोबारा नियुक्ति को बैंक के संचालन और रणनीतिक फैसलों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। वे पहले से ही बैंक के प्रमुख प्रबंधन ढांचे का हिस्सा रहे हैं और उनकी भूमिका बैंक के विस्तार, जोखिम प्रबंधन और डिजिटल बैंकिंग जैसे अहम क्षेत्रों में मानी जाती रही है। आरबीआई की मंजूरी के बाद अब उनके कार्यकाल को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया गया है।
इस खबर का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। एचडीएफसी बैंक के शेयर बीएसई पर पिछले बंद भाव के मुकाबले 0.38 प्रतिशत की तेजी के साथ 931.15 रुपये पर बंद हुए। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि शीर्ष प्रबंधन में निरंतरता निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में मदद करती है और इसी वजह से स्टॉक में हल्की मजबूती देखने को मिली।
कुल मिलाकर, आरबीआई की यह मंजूरी एचडीएफसी बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण कॉरपोरेट डेवलपमेंट है, जो आने वाले वर्षों में बैंक की रणनीति और नेतृत्व को स्थिर बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकती है।