छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों जिस मुद्दे पर सबसे ज्यादा चर्चाएं हैं, उस पर नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने खुद विराम लगाने की कोशिश की है। कोरबा में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने बेटे सूरज महंत के राजनीतिक आगाज को लेकर चल रही तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। डॉ. महंत ने दो टूक कहा कि सूरज की चुनावी लॉन्चिंग को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वह सिर्फ मीडिया की कल्पना हैं, हकीकत से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
डॉ. चरणदास महंत ने बेहद सहज अंदाज में कहा कि सूरज फिलहाल उनका और उनकी पत्नी का सहारा है। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल स्वाभाविक है कि बेटा अपनी मां के साथ घूमे और जब मां उपलब्ध न हों तो पिता के साथ रहे। इस उम्र में माता-पिता को भी एक सहारे की जरूरत होती है और सूरज वही भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सूरज अभी किसी राजनीतिक भूमिका में नहीं, बल्कि एक बच्चे की तरह उनके साथ रहकर चीजें समझ रहा है।
बेटे के राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवालों पर महंत ने साफ कहा कि उन्हें आगे बढ़ाने की कोई जल्दबाजी नहीं है और न ही इसकी कोई जरूरत महसूस की जा रही है। उन्होंने यह संकेत दिया कि राजनीति में उतरने का समय, भूमिका और जिम्मेदारी परिस्थितियों के हिसाब से तय होती है, न कि अफवाहों के दबाव में।
इससे पहले खुद सूरज महंत भी इस मुद्दे पर बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वे किसी पद के भूखे नहीं हैं और उनका पहला धर्म माता-पिता की सेवा करना है। साथ ही उन्होंने खुद को कांग्रेस का एक सिपाही बताते हुए पार्टी के लिए काम करने की बात कही थी, न कि किसी बड़े पद या टिकट की मांग करने की।
इस पूरे मसले पर कोरबा से सांसद Jyotsna Mahant ने भी अपनी राय रखी है और परिवार के भीतर चल रही चर्चाओं को सामान्य बताया है। गौरतलब है कि डॉ. चरणदास महंत का राजनीतिक परिवार से पुराना नाता रहा है। उनके पिता बिसाहू लाल महंत अखंड मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अध्यक्ष और मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में डॉ. महंत और उनकी पत्नी दोनों ही सक्रिय राजनीति में हैं, ऐसे में परिवार के किसी सदस्य को लेकर अटकलें लगना नई बात नहीं है।
कुल मिलाकर, चरणदास महंत के बयान ने यह साफ कर दिया है कि सूरज महंत की राजनीति में एंट्री को लेकर जो चर्चाएं चल रही हैं, वे फिलहाल सिर्फ कयास हैं। पार्टी और परिवार दोनों स्तर पर अभी कोई चुनावी लॉन्चिंग या राजनीतिक घोषणा की तैयारी नहीं है।